नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
पौरुष शक्ति को मजबूत बनाने के लिए लोग तरह-तरह के पाउडर का इस्तेमाल करते हैं। इतना ही नहीं, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो हानिकारक ड्रग्स का सेवन करते हैं जिससे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। यह ड्रेस इतनी खतरनाक होते हैं जिसके कारण शरीर के विभिन्न अंगों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कई वैज्ञानिक अध्ययन और शोध में इस विषय पर विस्तृत अध्ययन मौजूद है जिसमें इस बात का दावा किया जाता है कि ऐसी दवाओं का सेवन करने के कारण ना केवल शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के खराब होने का खतरा बढ़ता है बल्कि कई लाइलाज बीमारियां भी जन्म ले सकती हैं।
यौन क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं के कारण, होने वाले नुकसान के बारे में आपको यहां पर पूरी जानकारी दी जा रही है। अगर आपके भी परिचय में कोई ऐसा करता है तो उसे आज ही इस बारे में जरूर बताएं।
थोड़ी देर के फायदे में होता है दोगुना नुकसान

ऐसी दवाओं का सेवन करने के कारण थोड़ी देर के लिए तो बेहतरीन परिणाम देखने को मिलते हैं लेकिन दरअसल इसका सेहत पर लंबे समय के लिए बुरा असर पड़ता है। यह शरीर के सेंसटिव पार्ट की एक्टिविटी को काफी कम कर देता है और उसके बाद धीरे-धीरे दवाओं का असर इतना ज्यादा हो जाता है कि बिना इसके प्रयोग के आप अपने आप को बहुत कमजोर महसूस करने लगेंगे।
आंखों को पहुंचता है बहुत नुकसान

ऐसी दवाओं के सेवन से आंखों को नुकसान पहुंचता है। नेशनल सेंटर फॉर बायो टेक्नोलॉजी के अनुसार, पौरुष शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं का सेवन करने के कारण रेटिना को नुकसान पहुंचता है। लगातार ऐसी दवाएं लेने की वजह से कुछ समय के बाद आपके आंखों के देखने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से हो जाएंगे परेशान

यह इरेक्शन से जुड़ी समस्या होती है जिसके कारण अक्सर पुरुष परेशान रहते हैं। सेक्सुअल एक्टिविटी को बूस्ट करने के लिए दवाओं का किया गया सेवन इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का जोखिम कई गुना तक बढ़ा देता है। ऐसा इसलिए भी मुमकिन हो सकता है क्योंकि दवाओं के सेवन के कारण आपके शरीर के गुप्तांगों की एक्टिविटी बूस्ट होती है, लेकिन सामान्य रूप से जब आप इस बारे में कोशिश करेंगे तो यह बहुत मुश्किल हो जाएगा।
स्पर्म काउंट भी होगा कम

युवाओं में इन दवाओं का प्रचलन सबसे ज्यादा है और यही वजह है कि कुछ युवा शादी के बाद अच्छे परफॉर्म करने की वजह से इनके आदी बन जाते हैं। इसके चलते वह लंबे समय तक पिता बनने की चाहत भी नहीं पूरी कर पाते। ऐसी दवाओं का सेवन करने के कारण स्पर्म काउंट पर भी सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है और उनका अकाउंट घटने लगता है। ऐसा इसलिए मुमकिन हो सकता है क्योंकि इसका सीधा असर टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को प्रभावित करता है जिसके कारण स्पर्म काउंट लो होने की आशंका बढ़ जाती है।
यह भी पढ़ें : बारिश के मौसम में इसलिए न खाएं मछली
बढ़ सकते हैं टेस्टिकल्स

वैसे तो आमतौर पर किसी गंभीर चोट लगने के कारण या फिर हार्मोन में असंतुलन होने पर ही ऐसा होता है। वहीं, कुछ मामले ऐसे भी देखे गए हैं जहां पर लोगों के द्वारा अधिक मात्रा में सेक्सुअल ड्रग्स का सेवन करने के कारण टेस्टिकल्स बढ़ने की समस्या हुई है। इस पर अभी भी कई वैज्ञानिक अध्ययन चल रहे हैं कि कैसे इन दवाओं का असर टेस्टिकल्स में इन्फ्लेमेशन को बढ़ाने के लिए कार्य करता है।
फिलहाल अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने के लिए कोशिश करें कि ऐसी बुरी आदत को अपनी जिंदगी का हिस्सा कभी ना बनाएं। हेल्दी लाइफस्टाइल के नियमों को फॉलो करते हुए खुशहाल और रोगमुक्त जिंदगी का लुत्फ उठाएं।
पीरिड्स का दर्द सहन नहीं होता तो इन घरेलू उपचार से मिलेगा बहुत आराम
Source link



