नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus), जिसने अब तक लाखों लोगों की जान ली और दुनिया में हाहाकार मचा रखा है, माना जाता है कि ये वायरस पिछले साल के अंत में चीन के वुहान शहर के वैट बाजार से निकला. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह चमगादड़ से उत्पन्न हुआ और पैंगोलिन जैसे किसी स्तनधारी जीव के माध्यम से फैलाया गया होगा.
लेकिन चाहे वो चमगादड़ हो, या फिर पैंगोलिन, सच तो ये है कि इस घातक वायरस की उत्पत्ति जानवरों की दुनिया से ही हुई है और इस तरह ‘Zoonoses’ की लिस्ट में एक नाम और जुड़ गया. बतातें चलें कि Zoonoses ऐसी बीमारियां जो जानवरों से मनुष्यों को मिलती हैं. ये कोई नई बीमारी नहीं हैं- TB, रेबीज, टॉक्सोप्लाज्मोसिस, डेंगू, मलेरिया, ये कुछ बीमारियों के नाम हैं जो सभी Zoonoses हैं.
कोरोना वायरस के मौजूदा हालातों से परे, IPBES का अनुमान है कि जूनोसस हर साल करीब 7 लाख लोगों की जान ले लेते हैं. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अनुसार 60 प्रतिशत मानव संक्रामक रोग जानवरों से उत्पन्न होते हैं. इबोला, एचआईवी, एवियन फ्लू, जीका या सार्स जैसे अन्य प्रकार के कोरोना वायरस जैसे ‘उभरते’ रोगों के मामले में यह आंकड़ा 75 प्रतिशत है.
ये भी पढ़ें:- कोरोना: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर समेत 16 विदेशी जमाती गिरफ्तार, मस्जिद में छिपे थे आरोपी
2016 की यूएनईपी रिपोर्ट में कहा गया है कि जूनोटिक रोग अक्सर पर्यावरणीय परिवर्तन या पारिस्थितिक गड़बड़ी की वजह से होते हैं. बताते चलें कि पर्यावरण में परिवर्तन आमतौर पर मानव गतिविधियों की वजह से होते हैं, जैसे भूमि के उपयोग से जलवायु परिवर्तन तक होता है. पालतू जानवर अक्सर जंगल से आए रोगजनकों और मनुष्यों के बीच एक पुल की तरह काम करते हैं.
हालांकि शोधकर्ताओं ने अभी तक इस बारे में निश्चित जवाब नहीं दिया है कि यह वायरस लोगों में किस तरह पहुंचता है. एकमात्र निश्चित चीज यह है कि मानव गतिविधियां ही इसे बढ़ाती हैं. अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा पिछले सप्ताह प्रकाशित और नए कोरोना वायरस प्रकोप से पहले पूरे हो चुके एक अध्ययन से पता चलता है कि मनुष्यों में प्रसारित तीन-चौथाई वायरस में होस्ट चूहे, प्राइमेट्स और चमगादड़ होते हैं. लेकिन घरेलू जानवर भी लगभग 50 फीसदी बीमारियां फैलाते हैं. लुप्तप्राय वन्यजीवों के संदर्भ में, अध्ययन से पता चलता है कि जो मनुष्यों के साथ सबसे अधिक वायरस साझा करते हैं, वे वास्तव में शोषण और निवास के आभाव के कारण घट रही आबादी’ है.
LIVE TV