धनबाद और बोकारो सीमा पर स्थित बीसीसीएल की अमलाबाद भूमिगत कोयला खदान एक बार फिर चर्चा में है। करीब 62 लाख टन प्राइम कुकिंग कोल भंडार वाली इस परियोजना को जल्द शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार खदान से अगले 20 से 30 वर्षों तक कोयला उत्पादन संभव है, जिससे देश के इस्पात उद्योग को महत्वपूर्ण लाभ मिल सकता है।हाल ही में बीसीसीएल के सीएमडी ने परियोजना क्षेत्र का दौरा कर कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। राजस्व साझेदारी मॉडल के तहत विकसित की जा रही इस खदान को कंपनी की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमलाबाद परियोजना के शुरू होने से उच्च गुणवत्ता वाले कुकिंग कोल की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे इस्पात उत्पादन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।


