कोरोना संक्रमण को देखते हुए देशभर में तीन मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया है. इस संकट काल में केंद्रीय विद्यालय ने पीएम केअर्स फंड में दान करने सहित कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. वर्तमान में केंद्रीय विद्यालय के 32247 टीचर देश के विभिन्न रीजन के 7,07,312 स्टूडेंट्स को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं. फिर भी अभी ग्रामीण परिवेश में रहने वाले छात्रों के सामने संकट साफ नजर आ रहा है.
क्रेंद्रीय विद्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कोरोना संकट काल में किस तरह केंद्रीय विद्यालय ने अपने स्कूलों को क्वारनटीन होम बनाने के लिए सरकार को दिया है. इसके अलावा शिक्षकों ने अपनी तरफ से पीएम केअर्स फंड में दान किया है.
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बता दें कि केंद्रीय विद्यालय ने वर्तमान हालात देखते हुए ऑनलाइन पढ़ाने का भी कदम उठाया है. केंद्रीय विद्यालय संगठन का कहना है कि केंद्रीय विद्यालयों में पूरे देश में 13 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं. अभी ऑनलाइन शिक्षण की प्राथमिक स्टेज है. धीरे-धीरे सभी स्टूडेंट्स को जोड़ा जा रहा है. अभी भी रिमोट एरिया में रहने वाले बच्चे जिनके पास इंटरनेट की पहुंच नहीं है, उन तक पहुंचने में समस्या आ रही है.
ऐसे आगे आए शिक्षक
एक जिम्मेदार शिक्षक और मार्गदर्शक के तौर पर केन्द्रीय विद्यालय संगठन के तमाम शिक्षक कोविड-19 वैश्विक महामारी में लॉकडाउन को देखते हुए स्वयं आगे आए हैं. उन्होंने अपने विद्यार्थियों के साथ डिजिटल मंचों के माध्यम से संपर्क बनाया है, ताकि पढ़ाई का बहुमूल्य समय बचाया जा सके.
इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने समस्त प्राचार्यों के साथ कुछ कार्य बिंदु साझा किये हैं, ताकि उन्हें किसी तरह कार्यान्वित किया जा सके. केवी शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के लिए एक आवश्यक प्रोटोकॉल भी तैयार किया गया है.
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एनआईओएस मंच का प्रयोग
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) द्वारा अपने स्वयंप्रभा पोर्टल पर 7 अप्रैल 2020 से शुरू सेकंड्री और सीनियर सेकंड्री कक्षाओं हेतु रिकॉर्डेड और लाइव कार्यक्रमों का ब्यौरा के.वि.सं. ने अपने समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ साझा कर लिया है.
यह जानकारी समस्त विद्यालयों तक पहुंचा दी गई है ताकि शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच अधिक से अधिक प्रसारित हो सके. शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे अपने विद्यार्थियों के साथ ई-मेल, वॉट्सएप्प, एसएमएस इत्यादि के माध्यम से संपर्क बनाए रखें ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस कार्यक्रम का लाभ उठा सकें.
सीधे संवाद हेतु शिक्षकों को नामित किया
के.वि.सं. ने अपने कुछ चुनिंदा शिक्षकों को एनआईओएस द्वारा स्वयंप्रभा पोर्टल पर संचालित पाठ्यक्रमों हेतु लाइव सत्रों के लिए नामित किया है, ताकि वे स्काइप और लाइव वेब-चैट के माध्यम से विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान कर सकें. नामित शिक्षकों का ब्यौरा समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ साझा किया गया है.
इन संसाधनों का कर रहे प्रयोग
एनआईओएस और एनसीईआरटी विषयों को ऑनलाइन पढ़ाने के साथ-साथ टीवी पर भी इसे टेलीकास्ट कर रहे हैं. यहां देखें
1. मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (मूक): सेकंड्री और सीनियर सेकंड्री स्तर के सभी प्रमुख विषयों में एनआईओएस के पाठ्यक्रम मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स पर उपलब्ध हैं, देखें ये लिंक
2. फ्री टू एयर डीटीएच चैनलः डीटीएच चैनल नंबर 27 (पाणिनि)
https://www.swayamprabha.gov.in/index.php/program/current/27 (सेकंड्री)
डीटीएच चैनल नंबर 28 (शारदा)
https://www.swayamprabha.gov.in/index.php/channel_profile/profile/28 (सीनियर सेकंड्री)
3. यूट्यूब चैनलः
https://www.youtube.com/channel/UC1we0IrHSKyC7f30wE50_hQ (सेकंड्री)
https://www.youtube.com/channel/UC6R9rI-1iEsPCPmvzlunKDg (सीनियर सेकंड्री)
4. किशोर मंचः कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए स्वयंप्रभा के चैनल नंबर 31 के तहत एनसीईआरटी का 24X7 डीटीएच टीवी चैनल
इसके अलावा विभिन्न मंचों पर जैसे NROER, DIKSHA, SWAYAM PRABHA, NPTEL , e-pathshaala इत्यादि पर भी निशुल्क ई-संसाधन भी उपलब्ध हैं.


