अयोध्या: राम लला के सूर्य तिलक की होगी स्थायी व्यवस्था, कब तक बन कर तैयार हो जाएगा राम मंदिर


अयोध्या:

रामनगरी अयोध्या में रामनवमी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. अयोध्या के राम मंदिर प्रशासन ने भगवान राम के जन्म के समय रामलला को सूर्य तिलक करने की भी तैयारी शुरू कर दी है. इस बार फिर से रामलला को सूर्य तिलक करने की पूरी तैयारी की जा रही है. मंदिर प्रशासन की कोशिश राम लला के सूर्य तिलक की स्थायी तैयारी करने की है. राममंदिर में छह अप्रैल को रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे भगवान राम लला के मस्तक पर सूर्य किरण से अभिषेक होगा. उन्होंने बताया कि राम मंदिर के प्रथम तल पर मई के पहले पखवाड़े में राम दरबार की स्थापना कर दी जाएगी.उन्होंने बताया कि इस साल दिसंबर तक राम मंदिर के निर्माण के काम को पूरा कर लिया जाएगा.

राम लला का सूर्य तिलक

राम मंदिर निर्माण समिति पिछले तीन दिन से राम मंदिर निर्माण कार्य की समीक्षा कर रही है.समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने मंगलवार को तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि जिस तरह की प्रगति मंदिर के शिखर निर्माण में हुई है, उसे देखते हुए लगता है कि रामलला के जन्मदिन पर उनके सूर्य तिलक की अगले 20 साल के लिए स्थायी व्यवस्था कर ली जाएगी. उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी कंप्यूटर पर होनी है, जो हो जाएगी. यह स्थायी व्यवस्था इसी साल से हो जाएगी. 

 श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जारी रामनवमी के कार्यक्रम.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जारी रामनवमी के कार्यक्रम.

नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम लला के सूर्य तिलक के कार्यक्रम को अयोध्या के साथ-साथ देश-विदेश के शहरों में भी दिखाने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने बताया कि राम मंदिर के प्रथम तल पर मई के पहले पखवाड़े में राम दरबार की स्थापना कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि राम दरबार के दर्शन के लिए पास जारी किए जाएंगे. वहां सबको जाने की इजाजत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि एक घंटे में करीब 50 लोगों को राम दरबार के दर्शन के लिए पास जारी किए जाएंगे. इस तरह से एक दिन में करीब 750 लोग राम दरबार के दर्शन कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि राम दरबार के लिए बनने वाले पास के लिए श्रद्धालुओं से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, राम दरबार का पास मुफ्त में मिलेगा. 

कब तक बनकर तैयार हो जाएगा अयोध्या का राम मंदिर

राम लला की दो और मूर्तियों की स्थापना के सवाल पर उन्होंने बताया कि इस पर अभी फैसला नहीं हो पाया है कि वो दोनों मूर्तियां कहां स्थापित की जाएंगीं. उल्लेखनीय है कि मंदिर प्रशासन ने मंदिर में स्थापना के लिए तीन मूर्तियां बनवाई थीं, इनमें से एक मूर्ति की स्थापना की गई थी. बाकी की दो मूर्तियां अभी भी रखी हुई हैं. नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि इस साल दिसंबर तक ऑडिटोरियम को छोड़कर मंदिर के निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा. उन्होंने कहा कि मंदिर से संबंधित इमारतों और श्रद्धालुओं की सुविधा वाले सभी निर्माण कार्य इस साल पूरे हो जाएंगे. 

(अयोध्या से प्रमोद श्रीवास्तव की ओर से भेजी गई रिपोर्ट पर आधारित. )

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