सनावद, मध्य प्रदेश: भगवान शिव का प्रिय श्रावण मास आज से शुरू हो रहा है, और इसके साथ ही तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर पूरी तरह से शिव भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है। एक महीने तक चलने वाले इस पवित्र माह में नर्मदा के तट पर स्थित ओंकारेश्वर में हर ओर ‘भोले के जयकारे’ गूंजेंगे।
श्रावण मास की शुरुआत से पहले ही देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंच चुके हैं। उन्होंने विभिन्न धर्मशालाओं और आश्रमों में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है, जहां वे पूरे मास भगवान शिव की भक्ति में लीन रहेंगे और प्रतिदिन सुबह-शाम पूजन-अर्चन करेंगे।
ओमकार पर्वत की परिक्रमा पर बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़, कावड़ियों का भी होगा आगमन
श्रावण मास के दौरान ओमकार पर्वत की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। ऐसी उम्मीद है कि हजारों कावड़िए नर्मदा का पवित्र जल भरकर ओंकारेश्वर पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे। अनेक स्थानों से कांवड़ यात्राएं भी नर्मदा जल भरकर ओंकारेश्वर की ओर प्रस्थान करेंगी, जिससे पूरे मार्ग में भक्तिमय माहौल बन जाएगा।
मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन की पुख्ता तैयारी
ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासन के साथ मिलकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों को सुगमता और सरलता से दर्शन मिल सकें, इसके लिए वेरीगेटिंग लगाई गई है और रैंप को भी शुरू किया गया है। यह व्यवस्था भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और यात्रियों को आसानी से दर्शन कराने में सहायक होगी।
चार प्रमुख सोमवार पर उमड़ेगा भक्तों का हुजूम
हालांकि ओंकारेश्वर में पूरे साल देश भर के श्रद्धालु आते हैं, लेकिन श्रावण मास के चार प्रमुख सोमवार को यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है। इन विशेष दिनों में भगवान शिव की निकलने वाली सवारी में श्रद्धालुओं का हुजूम देखने लायक होता है, जब पूरी तीर्थ नगरी ‘भोले के जयकारों’ से गूंज उठती है।
ढंकेश्वर दीक्षित, शयन आरती पुजारी ने बताया कि श्रावण मास को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है और सभी भगवान शिव की आराधना के लिए तैयार हैं।