नई दिल्ली: आज केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) अपना 87वां स्थापना दिवस मना रहा है। यह दिन इस प्रमुख अर्धसैनिक बल के गौरवशाली इतिहास और देश सेवा में उसके योगदान को याद करने का अवसर है।
सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई, 1939 को ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुई थी। उस समय इसे ‘क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस’ (CRP) के नाम से जाना जाता था। इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश भारत की तत्कालीन रियासतों में बढ़ते आंदोलन और राजनीतिक अशांति के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखना था।
भारत की स्वतंत्रता के बाद, 28 दिसंबर, 1949 को देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने ‘सीआरपी’ का नाम बदलकर ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ (CRPF) कर दिया। इस नए नामकरण के साथ ही बल की भूमिका और जिम्मेदारियों का विस्तार हुआ, और यह आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ विभिन्न चुनौतियों का सामना करने वाला एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बल बन गया। तब से लेकर आज तक, सीआरपीएफ ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में अतुलनीय भूमिका निभाई है।