नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत का पहला ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप इस साल के अंत तक बाजार में आ जाएगा। यह भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।प्रधानमंत्री ने बताया कि 50-60 साल पहले इस दिशा में फाइलें चली थीं, लेकिन उस समय काम रुक गया, जिससे भारत बहुत पिछड़ गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब देश ‘मिशन मोड’ में काम कर रहा है और भारत सेमीकंडक्टर उत्पादन में दुनिया के प्रमुख देशों के साथ खड़ा होगा।
सेमीकंडक्टर, जो कि सिलिकॉन से बने होते हैं, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की कार्यप्रणाली के लिए एक आवश्यक हिस्सा हैं। ये इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट की मेमोरी को स्टोर करने, प्रॉसेस करने, ऑपरेट करने और सिग्नल एम्प्लीफिकेशन में मदद करते हैं। इन चिप्स का उपयोग स्मार्टफोन, कंप्यूटर से लेकर कारों और रक्षा उपकरणों तक में होता है।इस घोषणा से कुछ दिन पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत चार नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे देश में कुल स्वीकृत चिप निर्माण सुविधाओं की संख्या 10 हो गई है। यह कदम भारत को वैश्विक चिप निर्माण के केंद्र के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य का हिस्सा है।