उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र की अमरपुर चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बड़छड़ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जमीनी विवाद के चलते कुछ बाहुबलियों ने एक बोलेरो वाहन में आग लगा दी, जिसमें लाखों रुपये नकद और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। इस घटना में ठेकेदार हीरा लाल विश्वकर्मा और उनके परिवार के सदस्य बाल-बाल बचे।पीड़ित हीरा लाल विश्वकर्मा ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में बिजली विभाग के ठेकेदार हैं और बड़छड़ में उनकी पुश्तैनी जमीन है। वह अपने परिवार के साथ बरही जा रहे थे, तभी रास्ते में अपनी जमीन देखने के लिए उन्होंने गाड़ी रोकी।
जब वे लगभग 600 मीटर दूर गए, तो उन्होंने देखा कि विजय पटेल, संतोष पटेल, सुशील पटेल और 20-25 अन्य लोग एक ट्रैक्टर और पिकअप से आए और उनकी बोलेरो में आग लगा दी।विश्वकर्मा ने बताया कि उनके बेटे ने समय रहते गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई और उन्हें फोन करके घटना की जानकारी दी। गाड़ी में 7 लाख रुपये नकद, 3 लाख रुपये के गहने, साथ ही ठेकेदार का लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे, जो सब जलकर राख हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला भी किया।विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी जमीन पर उनका पुश्तैनी कब्जा था, जिसे बाहुबली संतोष पटेल और विजय पटेल ने खरीद लिया है। इस मामले को लेकर एसडीएम न्यायालय में केस भी चल रहा है।
उन्होंने प्रशासन से अपनी जान और माल की रक्षा की गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी 40 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है और इसकी भरपाई की जानी चाहिए।इस मामले में जब अमरपुर चौकी प्रभारी शिव नाथ प्रजापति से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि आगजनी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही नुकसान और आरोपियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी।यह घटना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है, क्योंकि पीड़ित पक्ष पहले भी चौकी, थाना, एसपी और कलेक्टर को अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए आवेदन दे चुका था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। यदि पीड़ित का पुत्र समय पर गाड़ी से बाहर न आता, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि बाहुबलियों का आतंक खत्म हो सके और जिले में शांति बनी रहे।