अशोकनगर, मध्य प्रदेश: जिले के बांसापुर गाँव में करंट लगने से 18 वर्षीय युवक नीरज अहिरवार की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। गुस्साए लोग नीरज के शव को कंधे पर रखकर अस्पताल से कलेक्टर कार्यालय तक दौड़ते हुए पहुँचे और लगभग चार घंटे तक प्रदर्शन किया।
डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि नीरज को करंट लगने के बाद ग्रामीण उसे कीचड़ भरे रास्ते से बड़ी मुश्किल से अस्पताल लाए, लेकिन डॉक्टरों ने समय पर इलाज शुरू नहीं किया। परिजनों का कहना है कि करीब डेढ़ घंटे तक नीरज को देखा तक नहीं गया, जिससे इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया।
इस घटना से नाराज होकर लोगों ने पहले अस्पताल के गेट पर हंगामा किया, जहाँ पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई। इसके बाद वे शव को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचे और वहाँ गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मुख्य माँगें थी कि दोषी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई हो, बिजली विभाग की लापरवाही की जाँच हो, और उनके गाँव तक सड़क का निर्माण किया जाए।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
हंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। मौके पर पहुँचे एडीएम डी.एन. सिंह ने परिजनों को शांत कराने की कोशिश की और उन्हें डॉक्टर मयंक परिहार के निलंबन का पत्र सौंपा। सड़क निर्माण के मुद्दे पर अधिकारियों ने बताया कि गाँव तक सड़क न बनने का कारण रास्ते में निजी जमीन पर अतिक्रमण है।
इसके बावजूद, परिजन दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की माँग पर अड़े रहे। अंत में, प्रशासन ने लिखित आवेदन लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस दौरान एडीएम डी.एन. सिंह और अहिरवार समाज के जिला अध्यक्ष रवि मोहने ने भी बयान दिए।