पटना, बिहार: बिहार में महिला मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए अब कांग्रेस भी उन्हें साधने की होड़ में शामिल हो गई है। अभी तक जहां राहुल गांधी ही राज्य में सक्रिय थे, वहीं अब प्रियंका गांधी के भी बिहार में चुनावी अभियान का हिस्सा बनने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। सवाल यह है कि क्या वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी महागठबंधन के पक्ष में महिला वोटरों को एकजुट कर पाएंगी?
राहुल गांधी ‘वोट अधिकार यात्रा’ के माध्यम से पहले ही चुनावी बिगुल फूंक चुके हैं। हालांकि, चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन राहुल गांधी ने टेस्ट मैच से पहले ही ग्राउंड प्रैक्टिस शुरू कर दी है। इस बीच, प्रियंका गांधी के बिहार आगमन और उनके संभावित प्रभाव का आकलन करना दिलचस्प होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में महिला वोटरों ने पिछले कुछ चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं को दिए गए आरक्षण और अन्य कल्याणकारी योजनाओं ने उन्हें एक मजबूत वोट बैंक बना दिया है। ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि प्रियंका गांधी के महिला-केंद्रित मुद्दों पर जोर देने से महागठबंधन को फायदा हो सकता है। प्रियंका गांधी की रणनीति, भाषण और महिलाओं से सीधा संवाद कितना कारगर साबित होता है, यह देखना अहम होगा।