सागर। लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार शाम को मूंग की ग्रेडिंग रिपोर्ट सही करने और वेयरहाउस में माल जमा कराने के एवज में एक किसान से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए समिति प्रबंधक को रंगेहाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में समिति प्रबंधक के सहायक, वेयरहाउस संचालक समेत कुल चार लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
देवरी तहसील के मुर्रई गांव के किसान दिनेश राजपूत ने जरुआ खरीदी केंद्र में 371 क्विंटल मूंग की तुलाई करवाई थी। जब इस मूंग को शिविका वेयरहाउस में भेजा गया, तो वेयरहाउस संचालक दिव्यांश तिवारी ने गुणवत्ता खराब बताते हुए मूंग लेने से मना कर दिया।इसके बाद किसान दिनेश ने जरुआ सहकारी समिति के प्रबंधक संतोष चौबे से संपर्क किया। संतोष चौबे ने अपने सहायक राजेश पांडेय और वेयरहाउस संचालक दिव्यांश तिवारी के साथ मिलकर मूंग की ग्रेडिंग रिपोर्ट ठीक कराने और वेयरहाउस में जमा करवाने के लिए किसान से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद वे 1 लाख रुपये लेने पर राजी हो गए।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
किसान दिनेश ने तुरंत सागर लोकायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के बाद गुरुवार शाम करीब 5 बजे, जब दिनेश जरुआ वेयरहाउस पहुंचा, तो उसने रिश्वत के 1 लाख रुपये समिति प्रबंधक संतोष चौबे को दिए। उसी समय, मौके पर पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने संतोष चौबे को रंगेहाथों पकड़ लिया। संतोष ने रिश्वत की रकम अपने साथी अजय घोषी को दे दी थी, जिसे पुलिस ने उससे जब्त कर लिया।
लोकायुक्त टीम दोनों आरोपियों, संतोष चौबे और अजय घोषी को पकड़कर गौरझामर थाने ले गई, जहां देर रात तक कार्रवाई चलती रही। पुलिस ने सेवा सहकारी समिति जरुआ के सहायक प्रबंधक संतोष चौबे, सहायक राजेश पांडेय, शिविका वेयरहाउस सहजपुर के संचालक दिव्यांश तिवारी और अजय घोषी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन, कमल सिंह उईके, रंजीत सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।