नागपुर, महाराष्ट्र – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर एकमात्र ऐसा आंदोलन था जिसका आरएसएस ने औपचारिक रूप से समर्थन किया था। उन्होंने यह भी घोषणा की कि संघ काशी और मथुरा सहित ऐसे किसी अन्य अभियान का समर्थन नहीं करेगा।
‘स्वयंसेवक व्यक्तिगत रूप से भाग ले सकते हैं’
भागवत ने कहा, “राम मंदिर एकमात्र ऐसा आंदोलन रहा जिसका आरएसएस ने समर्थन किया है, वह किसी अन्य आंदोलन में शामिल नहीं होगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि हालांकि संघ ऐसे आंदोलनों का समर्थन नहीं करेगा, लेकिन उसके स्वयंसेवक व्यक्तिगत रूप से इसमें भाग ले सकते हैं।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ हिंदू संगठन काशी और मथुरा में मंदिरों के लिए आंदोलन की मांग कर रहे हैं। भागवत के इस स्पष्टीकरण से संघ की भविष्य की भूमिका को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।