बागेश्वर महाराज की एकता पदयात्रा पर मुस्लिम समुदाय ने भगवा शॉल से किया स्वागत — संदेश: “देश बचेंगे तो संविधान भी”

बागेश्वर महाराज की सनातन एकता पदयात्रा के छठे दिन आज ग्राम सराय खड़क पर सैरनियों और मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने महाराज का गरिमापूर्ण स्वागत किया। लगभग 3 किमी चलने के बाद सराय खड़क में लगे टेंट व होर्डिंग के बीच सैकड़ों ग्रामीण और मुस्लिम तथा सनातन श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

स्थानीय सरपंच ईरशाद खान ने महाराज को भगवा शॉल ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया; इसके बाद स्वागत समारोह के कई फोटो-सेल्फी भी लिए गए। महाराज ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “देश बचेगा तो संविधान बचेगा — आप अपने बच्चों की परवरिश पर ध्यान दें। दिल्ली में हाल की विस्फोट जैसी घटनाएँ गलत हैं; युवाओं को सही राह दिखाने के लिए मदरसों और शिक्षा केंद्रों के मौलवियों से भी बातचीत होनी चाहिए।”

महाराज ने डॉक्टर अब्दुल कलाम को नमन किया और रहीम-रसखान के दोहों का उल्लेख करते हुए विविधता में एकता का संदेश दोहराया। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि पदयात्रा का उद्देश्य देश व संविधान की रक्षा तथा साम्प्रदायिक सौहार्द बढ़ाना है; आयोजकों का दावा है कि पदयात्रा में लाखों लोग शामिल रहे।

सरपंच ईरशाद खान ने कहा कि उनका समुदाय ऐसी हिंसक घटनाओं के खिलाफ है और वे युवाओं के लिए बैठकों के माध्यम से सही मार्गदर्शन सुनिश्चित करेंगे। सिविल लाइन प्रशासन और पदयात्रा टीम के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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