Chhattisgarh News In Hindi : Chhattisgarh : Amrit Mission Scheme : driver carrying the pipe from the crane crushed the laborer when he blinked in Bilaspur | क्रेन से पाइप ले जा रहे थे, ड्राइवर को झपकी आई तो मजदूर के सिर को कुचलती निकल गई

  • दयालबंद गुरुद्वारा के पास तड़के 3.30 बजे हुई घटना, रोशनी कम थी, पहिए के नीचे कब आ गया मजदूर पता नहीं चला
  • योजना कार्य के दौरान दूसरी मौत : 24 फरवरी 2019 को अशोक नगर के गड्‌ढे में दबने से मजदूर की हुई थी मौत 
  • सुबह 4 बजे पुलिस पहुंची, शव को सिम्स पहुंचाया,  क्रेन जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया, चालक फरार

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2020, 09:42 AM IST

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अमृत मिशन योजना के चल रहे काम के दौरान क्रेन से दबकर एक मजूदर की मौत हो गई। पाइप लाइन बिछाने के चल रहे काम के दौरान चालक को झपकी आने से क्रेन मजदूर के सिर पर चढ़ गई। घटना दयालबंद गुरुद्वारा के पास बुधवार तड़के 3.30 बजे हुई। पुलिस ने क्रेन को जब्त कर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि रोशनी कम होने के कारण मजदूर कब नीचे आ गया, पता ही नहीं चला। योजना कार्य के दौरान सालभर में यह दूसरी मौत है। 

शहर में खूंटाघाट से पानी सप्लाई के लिए 301 करोड़ की योजना का ठेका इंडियन ह्यूम को दिया गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश झांसी से श्रमिक लाए गए हैं। शहर में ट्रैफिक का दबाव अधिक होने के कारण रात को काम कराया जा रहा है। मंगलवार की रात को गुरुनानक चौक से गांधी चौक मुख्य मार्ग पर गुरुनानक स्कूल के सामने काम चल रहा था। मजदूर हरिश्चंद्र अहिरवार व उसका साला रमेश अहिरवार,मिथुन व एक अन्य श्रमिक वहां काम पर जुटे थे। ड्राइवर ओमी क्रेन से पाइप उठाकर शिफ्ट कर रहा था। 

बैलेंस सही रखने के लिए हरिश्चंद्र क्रेन से उठे पाइप को पकड़ कर आगे चल रहा था। इस बीच ड्राइवर को झपकी आ गई और क्रेन बेकाबू हो गई। हरिश्चंद्र नीचे गिर गया और क्रेन का अगला पहिया उसके सिर पर चढ़ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हरिश्चंद्र के साले रमेश अहिरवार घटनास्थल से करीब 200 मीटर आगे था। उसे पता चला तो मौके पर आया और पुलिस को फोन कर सूचना दी। सिटी कोतवाली पुलिस हरिशचंद के शव को लेकर सिम्स गई। रमेश की रिपोर्ट पर पुलिस ने क्रेन जब्त कर ली है। 

सुरक्षा की अनदेखी : टार्च और क्रेन की लाइट से कराया जा रहा काम 

  • जहां पर गड्ढे खोदे जा रहे हैं वहां पर्याप्त रोशनी नहीं होती। टार्च व क्रेन की लाइट से ही काम कराया जा रहा था। 
  • मजदूरों को हेलमेट भी नहीं दिया गया था। हादसे के बाद क्रेन चालक भाग निकला। 
  • हरिशचंद के साले का कहना है कि काम करने के लिए जैकेट,जूते व हेलमेट दिए गए हैं पर वे चार दिन से पहन नहीं रहे थे। 
  • उन्हें इसके लिए कोई बोला भी नहीं। ठेकेदार वहां इस बीच आया ही नहीं था। 

साक्ष्य मिटाने में जुट गए थे ठेकेदार के कर्मचारी
अमृत मिशन के काम में लापरवाही और सुरक्षा के मापदंडों की अवहेलना से मजदूर की जान जाने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 24 फरवरी 2019 की सुबह अशोक नगर रोड पर 8 फिट गहरे गड्‌ढे में एक मजदूर को बिना हेलमेट के उतारा गया था। मिट्‌टी धंसने के बाद उसे निकालने के दौरान एक्सीवेटर के बकेट का दांता सिर पर लगने से बिहार निवासी संदीप चौधरी की मौत हो गई। ठेकेदार के कर्मचारियों ने मामले को दबाने की गरज से तत्काल गड्‌ढे को पटवा दिया था।

जांच में ठेकेदार का हुआ था बचाव
घटना की गूंज विधानसभा में हुई। अपर आयुक्त आरबी वर्मा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई। महीनों के बाद जांच पूरी हुई। रिपोर्ट में ठेकेदार को बचाने की पूरी कोशिश की गई। सुरक्षा के मापदंड की अवहेलना साबित नहीं हुई। करोड़ों के काम में जान के साथ खिलवाड़ पर 6 लाख की पेनाल्टी लगाने का दावा किया गया था। 5 लाख मृतक के परिजनों को दिए गए। बड़ी लापरवाही से जानें जा रही हैं।

मार्च तक पूरा करना है निर्माण, अभी सिर्फ 53 फीसदी ही हो पाया

इंडियन ह्यूम पाइप को प्रोजेक्ट को मार्च 2020 तक पूरा करना है, परंतु अब तक मात्र 53 फीसदी काम हो पाया है। ट्रैफिक वाले स्थान पर खुदाई के काम के दौरान बेरिकेडिंग, साइन बोर्ड, कर्मचारियों को गम बूट, हेलमेट और गहराई या ऊंचाई वाले कार्यों में सेफ्टी बेल्ट का इस्तेमाल नहीं हो रहा है। दयालबंद रोड की घटना में मृत मजदूर हेलमेट नहीं पहने था। अशोक नगर रोड पर हुई दुर्घटना में भी यही हुआ था।

मेयर ने दिए जांच के निर्देश
मेयर रामशरण यादव ने कहा है कि कार्य के दौरान यदि लापरवाही हो रही है, तो यह गंभीर मामला है। घटना की जांच कराने कमिश्नर को कहा है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

इस बार कठोर कार्रवाई होगी
नगर निगम कमिश्नर प्रभाकर पांडेय ने कहा कि इस बार कठोर कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटना की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इंडियन ह्यूम पाइप को रात में कार्य करने की अनुमति दी गई है।

बचाव में उतरा पीएमसी
इंडियन ह्यूम पाइप के कार्यों की देखरेख आईपी ग्लोबल कर रहा है। प्रोजेक्ट मैनेजर रीतेश दास से यह पूछने पर कि मृतक ने गम बूट और हेलमेट नहीं पहने था, उनका जवाब था यदि पहने होता तब भी उसकी जान नहीं बचती। यह हादसा है।


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