छतरपुर जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां चौक बाजार स्थित मां अम्बे ज्वेलर्स के संचालक प्रशांत सोनी (23) को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक 22 वर्षीय युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म सहित एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि प्रशांत सोनी ने उससे शादी का वादा किया और इसी भरोसे पर लंबे समय तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया, तो पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई और उसने सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी और पीड़िता दोनों का मेडिकल परीक्षण कराया है। इसके साथ ही पीड़िता के धारा 164 के तहत बयान भी न्यायालय में दर्ज कराए गए हैं। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी के पिता ने बताया ब्लैकमेलिंग की साजिश
वहीं इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी के पिता जगदीश सोनी ने इसे साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब तीन साल पहले पीड़िता अपनी मां और भाई के साथ उनकी दुकान पर जेवरात खरीदने आई थी। इसी दौरान परिवार का उनके यहां आना-जाना शुरू हुआ और पहचान बढ़ी। जेवरात की खरीद में कुछ राशि नकद दी गई और कुछ उधार ली गई थी, जिसके बदले चेक भी दिए गए थे।जगदीश सोनी का आरोप है कि इसी लेन-देन को लेकर बाद में उनके बेटे को ब्लैकमेल किया जाने लगा। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर उनके बेटे पर दबाव डाला गया और धमकियां दी गईं। जगदीश सोनी का कहना है कि उनके पास इस कथित ब्लैकमेलिंग से जुड़े ऑडियो और वीडियो सबूत भी मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराएंगे।
दूसरी ओर पीड़िता ने स्पष्ट किया है कि जेवरात की खरीद और उधार का लेन-देन एक अलग मामला है, जबकि प्रशांत सोनी द्वारा शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप पूरी तरह सही है। पीड़िता का कहना है कि इस घटनाक्रम ने उसे मानसिक और सामाजिक रूप से गहरा आघात पहुंचाया है।नगर पुलिस अधीक्षक अरुण सोनी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं, आरोपों और प्रति-आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। विवेचना में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उन्हें केस डायरी में शामिल कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।


