नौगांव की बुंदेलखंड गौशाला में गायों की मौत का मामला: कलेक्टर की गठित 5 सदस्यीय टीम ने शुरू की जांच, दस्तावेज जब्त

छतरपुर जिले की सबसे बड़ी नौगांव स्थित बुंदेलखंड गौशाला में लगातार हो रही गायों की मौत के मामले ने प्रशासन को गंभीर चिंता में डाल दिया है। कलेक्टर को मिली शिकायत के बाद गठित 5 सदस्यीय जांच टीम आज गौशाला पहुंची और पूरे मामले की गहन जांच शुरू की।

जांच दल ने सबसे पहले गौशाला से जुड़े अब तक के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। इसमें गौशाला में आने वाले भूसे, पशु आहार, दवाइयों सहित विभिन्न प्रकार की खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके साथ ही शासन द्वारा गौशाला को दिए गए अनुदान की राशि, उसके उपयोग और खर्च का पूरा ब्योरा भी टीम ने खंगाला।जांच के दौरान गौशाला में कार्यरत मजदूरों से भी अलग-अलग पूछताछ की गई। मजदूरों से पशुओं के खान-पान, देखरेख, दवाओं के उपयोग और हाल के दिनों में हुई गायों की मौत को लेकर सवाल किए गए।

दरअसल, कलेक्टर को शिकायत मिली थी कि गौशाला में पशुओं को पर्याप्त चारा नहीं दिया जा रहा है और उन्हें भूखा रखकर कथित तौर पर जहर देकर मारा जा रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि करीब 84 एकड़ में बनी इस गौशाला की अधिकांश जमीन को गौशाला संचालक ने खेती के लिए लीज पर दे रखा है और उससे होने वाली आमदनी को खुद हड़प रहे हैं, जबकि पशुओं की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।

इन्हीं गंभीर आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए यह जांच दल मौके पर पहुंचा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपनी है।

बाइट:गोपाल शरण पटेल, एसडीएम नौगांव:“कलेक्टर के निर्देश पर गठित टीम द्वारा गौशाला के सभी रिकॉर्ड, अनुदान और व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।”

बाइट:दिग्गी राजा, शिकायतकर्ता:“गौशाला में गायों की मौत लगातार हो रही है। आरोप है कि उन्हें भूखा रखा जा रहा है और जमीन का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए मैंने शिकायत की।”बाइट:चिरंजी पाल, मजदूर:“हमसे कामकाज और पशुओं की देखरेख को लेकर पूछताछ की गई है, जो भी जानकारी थी हमने जांच टीम को बताई है।”

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