भारतीय कोस्ट गार्ड ने अरब सागर में एक बड़ी और हाई-प्रोफाइल कार्रवाई करते हुए तीन तेल टैंकरों को जब्त किया है। यह कार्रवाई इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि ये तीनों टैंकर कथित तौर पर ईरान से जुड़े बताए जा रहे हैं। कोस्ट गार्ड ने इसे इंटरनेशनल तेल-तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक सुनियोजित और कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन करार दिया है।भारतीय कोस्ट गार्ड के अनुसार, यह कार्रवाई शुक्रवार को मुंबई से करीब 100 नॉटिकल मील पश्चिम में की गई। अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी-आधारित सर्विलांस, डेटा-पैटर्न एनालिसिस और समुद्र-हवाई समन्वय के जरिए इन जहाजों की पहचान कर उन्हें रोका गया। कोस्ट गार्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह ऑपरेशन पूरी तरह से योजनाबद्ध था।कोस्ट गार्ड के बयान के मुताबिक,“एक बेहद अच्छे से कोऑर्डिनेटेड समुद्र-हवाई ऑपरेशन के तहत एक इंटरनेशनल तेल-तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया गया है। यह गिरोह इंटरनेशनल वाटर्स में समुद्र के बीच में तेल ट्रांसफर (Ship-to-Ship Transfer) का सहारा लेकर संघर्ष प्रभावित इलाकों से सस्ते तेल को मोटर टैंकरों के जरिए आगे भेजता था।”जानकारी के अनुसार, यह सिंडिकेट तटीय राज्यों में दिए जाने वाले भारी-भरकम टैक्स और शुल्क से बचने के लिए इस अवैध नेटवर्क को चला रहा था। तेल को समुद्र के बीच में एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर कर, उसे वैध सप्लाई चेन का हिस्सा दिखाने की कोशिश की जाती थी।टैंकर-ट्रैकिंग एनालिस्ट्स और ईरानी मीडिया ने भी दावा किया है कि जब्त किए गए जहाजों का सीधा या अप्रत्यक्ष संबंध ईरान से है। फिलहाल, कोस्ट गार्ड द्वारा टैंकरों के दस्तावेज, कार्गो और क्रू से गहन पूछताछ की जा रही है।इस कार्रवाई को भारत की समुद्री सुरक्षा, आर्थिक हितों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लिंक और देशों तक भी कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।


