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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया ने हाई कोर्ट में दो जमानत याचिकाएं दायर की थीं. जिन पर अब सभी की सुनवाई पूरी हो चुकी है और जमानत का फैसला कभी भी आ सकता है, क्योंकि हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. इससे सौम्या को कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था.

बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में सुनवाई पूरी हो गई है. हाई कोर्ट में सौम्या चौरसिया, ईडी और एसीबी/ईओडब्ल्यू तीनों की बहस हुई पूरी हो गई है. सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है. सौम्या की दोनों जमानत याचिकाओं पर कभी भी फैसला आ सकता है. सौम्या ने HC में ईडी और एसीबी/ईओडब्ल्यू के खिलाफ जमानत याचिका लगाई है. उनका मामला हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में लगा था.
सौम्या चौरसिया ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट का किया था रुख
सौम्या चौरसिया को कोयला घोटाले में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद जब वह लंबे समय तक जेल में रही, तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दे दी गई. लेकिन बाद में प्रवर्तन निदेशालय और आर्थिक अपराध शाखा ने उन्हें आबकारी मामले में गिरफ्तार किया. फिर उन्होंने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उन्हें हाई कोर्ट जाने के लिए कहा गया. इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में दो जमानत याचिकाएं दायर कर दीं. जिन पर अब हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.
अभी सौम्या चौरसिया पर कई FIR दर्ज हैं. जिनमें अवैध कोयला व्यापार, भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं. उनका छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से करीबी रिश्ता रहा है. 2008 बैच की राज्य शासकिया सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया 2019 से 2022 तक पूर्व CM भूपेश बघेल की उप सचिव रह चुकी हैं. उन्हें भूपेश बघेल की सरकार में सुपर सीएम कहा जाता था.
क्या है शराब घोटाला
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ईडी जांच कर रही है. ईडी के मुताबिक 2019 से 2023 के बीच राज्य के आबकारी विभाग में एक संगठित भ्रष्टाचार का खेल चला, जिससे करीब 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध कमाई की गई. इसमें कई बड़े नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
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