भोपाल, 25 मार्च 2026: राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास ‘ सीएम हाउस’ आज मात्र एक शासकीय अधिष्ठान न रहकर, जन-आस्था और हर्षोल्लास का महाकुंभ बन गया। यद्यपि आज के दिन किसी विशेष योजना या घोषणा का औपचारिक प्रावधान नहीं था, तथापि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति जनता के अगाध अनुराग ने इसे एक ऐतिहासिक उत्सव में परिवर्तित कर दिया।
डॉ. यादव संपूर्ण दिवस असीमित ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिए, किंतु उनके अंतर्मन की जिज्ञासा केवल औपचारिक शुभकामनाओं से शांत नहीं हुई।प्रभात काल से ही सीएम हाउस के द्वार जन-सामान्य के लिए पूर्णतः खुले थे। प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों से आए कृषकों और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। यहाँ सत्ता का कोई कृत्रिम अवरोध नहीं था; भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर प्राथमिक सदस्य तक, प्रत्येक व्यक्ति मुख्यमंत्री से इस सहजता के साथ मिल रहा था जैसे वे अपने परिवार के किसी मार्गदर्शक मुखिया से भेंट कर रहे हों।
अपनी कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए डॉ. यादव ने जन्मदिवस पर विश्राम करने के स्थान पर निरंतर कार्य-प्रवाह को प्राथमिकता दी। किंतु, इस दिवस की सबसे हृदयस्पर्शी घटना तब घटी जब मुख्यमंत्री ने सागर जिले के ग्राम ‘मोइली’ जाने का आकस्मिक निर्णय लिया। एक अत्यंत निर्धन किसान, श्री हरि रैकवार के श्रद्धापूर्ण निमंत्रण ने मुख्यमंत्री को द्रवित कर दिया था। अत्यंत संक्षिप्त सूचना के उपरांत जब मुख्यमंत्री वहाँ पहुँचे, तो रैकवार परिवार ने अपनी यथाशक्ति सामर्थ्य से उनका भावभीना स्वागत किया। डॉ. यादव ने किसी विशिष्ट आसन के स्थान पर किसान की साधारण खाट पर बैठकर अत्यंत सात्विक एवं प्रेमपूर्ण भोजन ग्रहण किया।
सत्ता के शीर्ष पर बैठकर भी एक निर्धन कृषक की कुटिया में इस प्रकार की सांस्कृतिक समरसता प्रदर्शित करना, वास्तव में उनकी आत्मीयता की पराकाष्ठा है। आतिथ्य के इस अमूल्य क्षण के पश्चात, मुख्यमंत्री पुनः अपने राजकीय उत्तरदायित्वों के निर्वहन हेतु प्रस्थान कर गए।यहां उल्लेख करना उचित होगा कि, डॉक्टर मोहन यादव ने अपने बेटे की शादी भी सामूहिक विवाह सम्मेलन से की थी। उनकी यही सादगी लोगों का दिल जीत लेती है।

