छतरपुर स्थित महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ATKT (Allowed To Keep Term) परीक्षा को लेकर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। LLB और BA LLB के छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने ATKT के ऑनलाइन आवेदन की साइट अचानक बंद कर दी, जबकि नियमानुसार उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर मिलना चाहिए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि यह फैसला निजी कॉलेजों के दबाव में लिया गया है और इसमें विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।विरोध प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेन्द्र वर्मा और कांग्रेस नेत्री व पं. मोतीलाल नेहरू विधि कॉलेज की शिक्षिका कीर्ति विश्वकर्मा भी छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठ गईं। छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान विश्वविद्यालय के गेट बंद कर दिए गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।प्रदर्शन के बीच एक कर्मचारी रमाशंकर गुप्ता के बाथरूम में छिपने की घटना भी चर्चा का विषय बनी रही। वहीं कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल और छात्रों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। हालांकि छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।कांग्रेस नेत्री कीर्ति विश्वकर्मा ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच छात्र बड़ी मुश्किल से पढ़ाई कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें ATKT परीक्षा का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द कोई स्पष्ट और लिखित निर्णय नहीं लेता है, तो छात्र न्यायालय का रुख करेंगे।फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे छात्रों में आक्रोश बना हुआ है।


