बर्फीले हिमालय में बागेश्वर महाराज की तपस्या: 11 दिन की एकांत साधना पूर्ण, जवानों से किया आत्मीय संवाद

छतरपुर: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपनी आध्यात्मिक साधना को लेकर चर्चा में हैं। उत्तराखंड के पवित्र धाम बद्रीनाथ की बर्फीली पहाड़ियों में चल रही उनकी 21 दिवसीय “बद्रीनाथ एकात्म साधना” के बीच कुछ विशेष तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वे भारतीय सेना के जवानों से आत्मीय संवाद करते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि बागेश्वर सरकार ने हिमालय की ऊंची बर्फीली वादियों में पत्थरों से बनी एक छोटी कुटिया में रहकर 11 दिनों की अखंड एकांत साधना पूर्ण की है। इस दौरान वे पूर्ण रूप से ध्यान, तप और भगवान विष्णु की आराधना में लीन रहे। साधना के समय उन्होंने स्वयं अपने लिए प्रसाद तैयार किया और पूरी तरह सांसारिक गतिविधियों से दूर रहकर आध्यात्मिक साधना की।

11 दिनों की कठिन तपस्या पूरी होने के बाद जब बागेश्वर सरकार अपनी कुटिया से बाहर आए तो वहां तैनात भारतीय सेना के जवानों से उनकी मुलाकात हुई। महाराज ने जवानों से बातचीत करते हुए साधना के अनुभव साझा किए, वहीं जवानों ने भी श्रद्धा भाव से उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं।इसके बाद बागेश्वर सरकार नीचे मंदिर परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने साधु-संतों से भेंट की और भगवान बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

हिमालय की अलौकिक और शांत वादियों में चल रही यह साधना श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण और चर्चा का विषय बनी हुई है।जानकारी के मुताबिक यह 21 दिवसीय साधना 6 मई से शुरू हुई थी, जो 26 मई तक चलेगी। इसमें से 11 दिन की एकांत साधना पूरी हो चुकी है, जबकि शेष साधना अभी जारी है। साथ ही 27 से 30 मई तक बागेश्वर सरकार बद्रीनाथ में सत्यनारायण कथा भी सुनाएंगे।

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