प्रयागराज के एक निजी मेडिकल कॉलेज में MBBS अंतिम वर्ष की छात्रा सृष्टि मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के खिलाफ आज सोमवार 29 जून की देर शाम पवई नगर की सड़कें न्याय की मांग से गूंज उठीं। नगर के आयुर्वेद डॉ. अनुराग मिश्रा की 22 वर्षीय बेटी सृष्टि को इंसाफ दिलाने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला।
हाथों में तख्तियां और ‘फांसी दो’ के नारेमार्च की शुरुआत स्थानीय जगदीश स्वामी मंदिर से हुई। हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग करती तख्तियां लिए आक्रोशित नागरिक बस स्टैंड और अजय मेडिकल सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जय स्तंभ चौक पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “सृष्टि मिश्रा को न्याय दो” और “दोषियों को फांसी दो” के गगनभेदी नारे लगाए।
निष्पक्ष जांच और कठोरतम सजा की मांगप्रदर्शन में शामिल प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मामले के दोषियों को चिह्नित कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) दी जाए। पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। ऐसी कार्रवाई हो जिससे भविष्य में किसी और बेटी के साथ ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलिकैंडल मार्च का समापन एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा के साथ हुआ। जय स्तंभ चौक पर एकत्र हुए सभी नागरिकों ने मृतका सृष्टि मिश्रा की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। पूरे आयोजन के दौरान माहौल बेहद गमगीन और शांतिपूर्ण रहा, जहां नगरवासियों ने एकजुट होकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।दरसल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित यूनाइटेड मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में अंतिम वर्ष की एमबीबीएस छात्रा, सृष्टि मिश्रा, की मौत का मामला सामने आया था।
पवई निवासी डॉ. अनुराग मिश्रा की पुत्री सृष्टि रात अपने कमरे में सोने गई थी, और अगले दिन सुबह वह अचेत अवस्था में पाई गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद कॉलेज के छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हॉस्टल के बाहर भारी हंगामा भी किया था। किया, जिसके कारण शुरुआत में पुलिस को भी प्रवेश करने में विरोध का सामना करना पड़ा। मृतका के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन द्वारा बताए जा रहे स्वास्थ्य कारणों पर गंभीर सवाल उठाए थे। कॉलेज प्रशासन का दावा था कि छात्रा थायराइड और मिर्गी की बीमारी से पीड़ित थी, जबकि परिजनों ने ऐसी किसी भी बीमारी की जानकारी होने से साफ इनकार किया है।


