देवकीनंदन ठाकुर के पुत्र की ट्रोलिंग पर बोले बागेश्वर सरकार— “कथा वाचक का बेटा कथा वाचक बने तो आपत्ति क्यों।

“मुस्लिम अपने धर्मगुरुओं का उपहास नहीं उड़ाते, हिंदू भी संतों का सम्मान करें” बागेश्वर सरकार ने सनातनियों से एकजुट का किया आह्वान

छत्तरपुर: इन दिनों बागेश्वर सरकार दक्षिण भारत के पवित्र तीर्थस्थल तिरुपति बालाजी में आयोजित तीन दिवसीय ऊर्जा संचय समागम के दौरान बागेश्वर सरकार ने प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर के पुत्र युवा कथा व्यास देवांश को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने के मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने हिंदू समाज से आपसी मतभेद छोड़कर एकजुट रहने का आह्वान किया,आशीर्वचन के दौरान बागेश्वर सरकार ने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हिंदू ही हिंदुओं का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी डॉक्टर का बेटा डॉक्टर, किसान का बेटा किसान, पुलिसकर्मी का बेटा पुलिसकर्मी, नेता का बेटा नेता और अभिनेता का बेटा अभिनेता बन सकता है, तो कथा वाचक का पुत्र कथा वाचक बने, इसमें आपत्ति कैसी,उन्होंने कहा कि वृंदावन के प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर के बड़े पुत्र देवांश ने कथा वाचन प्रारंभ किया है और उनकी वाणी की सराहना भी हो रही है, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनका उपहास उड़ाते हुए मीम्स और टिप्पणियां कर रहे हैं। बागेश्वर सरकार ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि किसी की कथा पसंद नहीं है तो उसे सुनने मत जाइए, लेकिन सनातन परंपरा, संतों और कथा वाचकों का सार्वजनिक उपहास नहीं होना चाहिए,उन्होंने कहा कि समाज को यह समझना होगा कि अपने ही संतों, मंदिरों और मठों पर लगातार आक्षेप करना अंततः सनातन समाज को ही कमजोर करता है। उन्होंने हिंदुओं से आग्रह किया कि वे आपसी खींचतान छोड़कर एक-दूसरे का सम्मान करें और सनातन के सम्मान के लिए एकजुट रहें,अपने संबोधन के अंत में बागेश्वर सरकार ने हिंदू एकता का संदेश देते हुए कहा, “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई। हम सब एक परमपिता परमात्मा की संतान हैं।” उन्होंने कहा कि जब हिंदू समाज संगठित होगा, तभी सनातन परंपरा और राष्ट्र दोनों सशक्त होंगे।

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