दतिया। शनिवार दोपहर दतिया के गोराघाट थाना क्षेत्र में डायल-112 की तत्परता ने एक युवती की जान बचा ली। सिंध नदी में कूदने का प्रयास कर रही युवती की सूचना मिलते ही पुलिस की एफआरवी टीम महज पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंची और महिला की मदद से उसे सुरक्षित नदी में छलांग लगाने से रोक लिया।जानकारी के मुताबिक शनिवार दोपहर डायल-112 पर एक सूचना प्राप्त हुई थी कि गोराघाट थाना क्षेत्र में एक युवती सिंध नदी के पास पहुंची है और नदी में कूदने का प्रयास कर रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए डायल-112 की एफआरवी टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
डायल-112 पर दर्ज इवेंट आईडी POL15082601497 के आधार पर आरक्षक राघवेंद्र शर्मा और पायलट गिर्राज शर्मा ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू की। टीम करीब पांच मिनट में मौके पर पहुंच गई। वहां पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने स्थिति को समझते हुए युवती को सुरक्षित स्थान पर लाने का प्रयास किया। एक महिला की मदद से युवती को समझाया गया और उसे नदी में कूदने से रोक लिया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। टीम ने युवती को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और आगे की कार्रवाई के लिए उसे गोराघाट थाने पहुंचाया।पूछताछ के दौरान युवती ने अपना पता डबरा, जिला ग्वालियर बताया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने युवती को एफआरवी वाहन के माध्यम से गोराघाट थाने पहुंचाया। इसके बाद थाना प्रभारी विनीत तिवारी ने युवती के परिजनों से संपर्क कर उसे उनके सुपुर्द किए जाने की प्रक्रिया पूरी कराई।परिजनों के मुताबिक युवती मानसिक रूप से परेशान चल रही है और उसका उपचार भी कराया जा रहा है। हालांकि, नदी तक पहुंचने और इस तरह का कदम उठाने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, इसे लेकर पुलिस स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है।
इस घटना में सबसे अहम पहलू डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया रही। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके तक पहुंचने में समय नहीं गंवाया। यदि टीम को पहुंचने में देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पुलिसकर्मियों की सतर्कता और मौके पर मौजूद महिला की मदद से युवती को सुरक्षित बचा लिया गया।घटना एक बार फिर यह बताती है कि संकट की स्थिति में समय पर सूचना देना और तत्काल पुलिस सहायता लेना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है। डायल-112 टीम की तत्परता से शनिवार को गोराघाट क्षेत्र में एक संभावित हादसा टल गया और युवती सुरक्षित अपने परिजनों तक पहुंच सकी।


