छतरपुर। सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहिन के अटूट प्रेम, आस्था और विश्वास का अनूठा संगम देखने को मिला।देश-विदेश से पहुंचीं बहिनों ने अपने लाडले भाई बागेश्वर महाराज को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। इस भावुक पल के दौरान कई बहनों के आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। जो बहाने पिछले कई वर्षों से किन्ही कर्म से अपने भाई की कलाई में राखी नहीं बढ़ पाए उन्हें बागेश्वर महाराज में अपना सगा भाई नजर आया। महाराज श्री ने अपनी सभी बहिनों से कहा कि वह सनातन को घर-घर तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।रक्षाबंधन के पावन अवसर पर यहां यह देखने को मिला कि महाराज श्री की माता जी और दादी की उम्र की महिलाओं ने भी महाराज श्री में अपना भाई देख कर उन्हें राखी बांधी, साथ ही आशीर्वाद दिया कि वह इसी तरह सनातन की अलख जागते रहे। हर वर्ष की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर बागेश्वर धाम में श्रद्धा का विशेष माहौल देखने को मिला। दूर-दराज से आई बहिनें अपने भाई के प्रति प्रेम और विश्वास लेकर धाम पहुंचीं। बहिनों ने बागेश्वर महाराज की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए उनकी दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर उन्नति की प्रार्थना की। वहीं बागेश्वर सरकार ने भी राखी बांधने वाली सभी बहनों को दक्षिणा भेंट कर उनका सम्मान किया।रक्षाबंधन के इस अवसर पर बागेश्वर धाम में उमड़ी श्रद्धा ने एक बार फिर भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को उजागर किया। यह रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं बल्कि प्रेम, विश्वास, आस्था और अपनत्व का प्रतीक बन गया। बागेश्वर धाम की यह तस्वीर यह संदेश देती नजर आई कि सच्चे रिश्तों की डोर सीमाओं में नहीं बंध सकती।


