एक चिता पर हत्यारा पति, पत्नी और बेटा… आजमगढ़ में भतीजी ने दी मुखाग्नि, मंजर देख रो पड़ा पूरा श्मशान घाट – azamgarh mass murder arvind singh encounter niece performs last rites rajghat lcln

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुई खौफनाक वारदात और उसके बाद पुलिस एनकाउंटर का अंत बेहद दर्दनाक तस्वीरों के साथ हुआ. राजघाट शवदाह गृह पर जब एक ही परिवार के तीन शव (पति, पत्नी और बेटा) एक साथ पहुंचे, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. परिवार में कल तक जहां अपनों की हंसी-खुशी थी, आज उसी परिवार के तीन शव एक साथ चिता पर थे.

हृदय विदारक स्थिति यह थी कि इस परिवार में मुखाग्नि देने के लिए कोई पुरुष सदस्य तक जीवित नहीं बचा है. आखिरकार, मृतक आरोपी की भतीजी कुमारी वर्षा को आगे आना पड़ा और उसने अपने आरोपी चाचा, चाची और चचेरे भाई की चिता को एक साथ मुखाग्नि दी.

राजघाट पर भावुक कर देने वाला अंतिम संस्कार

बताया जा रहा है कि आरोपी अरविंद सिंह के बड़े भाई की वर्ष 2018 में ही हत्या हो चुकी थी. ऐसे में परिवार में मुखाग्नि देने के लिए कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था. भतीजी वर्षा ने जब अपने परिवार के तीनों सदस्यों को मुखाग्नि दी, तो वहां का माहौल चीख-पुकार से भर गया.

इस त्रासदी के बीच ‘भारत रक्षा दल’ जैसे सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आगे आकर अंतिम संस्कार में मदद की. संगठन के अध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने कहा, ”छोटी-छोटी घटनाओं को लेकर इस तरह का बड़ा घटनाक्रम होना समाज के लिए गहरी चिंता का विषय है. पुलिस-प्रशासन ने अपना काम किया, और हम सामाजिक कार्यकर्ता होने के नाते अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.” देखें VIDEO:- 

8 घंटे चला था मौत का तांडव 

यह पूरी त्रासदी तब शुरू हुई जब सनकी अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी और दो पुजारियों की बेरहमी से हत्या कर दी. इसके बाद उसने अपने ही बच्चों को घर के अंदर बंधक बना लिया. पुलिस को सूचना मिलने के बाद करीब 8 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला. पुलिस लगातार आरोपी की मान-मनौवल करती रही, लेकिन वह बच्चों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था.

बेटे की हत्या, टियर गैस और पुलिस एनकाउंटर

जब पुलिस ने चारों तरफ से घर की घेराबंदी कर रखी थी, तभी अचानक अंदर से गोली चलने की आवाज आई. सनकी पिता ने अपने 10 साल के बेटे को गोली मार दी थी. गोली की आवाज सुनते ही पुलिस ने ‘स्टेन ग्रेनेड’ और टियर गैस का इस्तेमाल करते हुए घर में फोर्स एंट्री की.

पुलिस को अंदर आता देख आरोपी अरविंद सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और सभी 6 गोलियां चला दीं. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आरोपी अरविंद सिंह ढेर हो गया.

गनपॉइंट पर थी बेटी, दो बच्चियां अस्पताल में भर्ती

रेस्क्यू के दौरान आरोपी ने अपने सबसे छोटे बच्चे को हाथ में लिया हुआ था. गोली लगने के बाद हाथ से बच्चा छूटने के कारण वह घायल हो गया. इसके बाद आरोपी ने अपनी बेटी को गनपॉइंट पर ले लिया था. हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी के दोनों जीवित बच्चों (घायल बच्ची और उसकी बड़ी बहन) को सुरक्षित बचा लिया गया और फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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