छतरपुर। बालाजी के दर्शन और संन्यासी बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद बागेश्वर महाराज बुंदेलखंड की पांच दिवसीय रथयात्रा पर रवाना हुए। यात्रा की शुरुआत राष्ट्रध्वज फहराकर की गई। इस दौरान राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। इसके बाद पांच जिलों के लिए रथयात्रा ने प्रस्थान किया। यात्रा में बालाजी का रथ सबसे आगे रहा जो पूरे मार्ग में यात्रा की अगुवाई कर रहा है। महाराज श्री सभी सनातनियों को एक सूत्र में बांधने के लगातार प्रयास कर रहे हैं।बागेश्वर महाराज अपनी यात्राओं की श्रृंखला में तीसरी यात्रा पैदल न चलकर रथ यात्रा के माध्यम से लोगों से जुड़ने निकल पड़े हैं। इस अवसर पर बागेश्वर महाराज ने देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता नहीं बल्कि शांति का माहौल बनना चाहिए। सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है लेकिन देश के सम्मान और गौरव से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं होना चाहिए। यात्रा में बालाजी का रथ विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रास्ते भर लोगों ने आगे बढ़कर किया स्वागत बागेश्वर महाराज जैसे ही बागेश्वर धाम से अपनी यात्रा लेकर आगे बढ़े वैसे ही टावर तिराहा, गंज, खैरी, घूरा, बमीठा में स्वागत हुआ। बमीठा में राज नगर विधायक अरविंद पटेरिया ने स्वागत किया। इसके अलावा चंद्रनगर से लेकर टोरिया टेक, मंडला, अजयगढ़ और पन्ना पहुंचने तक जगह-जगह लोगों ने पलक पांवड़े बिछाकर यात्रा का भव्य स्वागत किया। कहीं लोगों ने बुलडोजर से स्वागत किया तो कहीं ऊंचाई पर खड़े होकर रथ यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया।संतों ने लगाई हाजरी, कहा- सभी सनातनियों के एक होने का समय आ गया बागेश्वर महाराज की यात्रा में शामिल होने आए प्रख्यात कथा वाचक इंद्रेश महाराज, अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज, चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज के अलावा देवी चित्रलेखा ने अपनी हाजिरी लगाते हुए सभी सनातनियों से एकजुट होने की अपील की। संतों का कहना है कि विषम परिस्थितियों में लोगों को जगाने का काम संतों का है। अब समय आ गया है कि सभी सनातनी एकजुट हों तभी विचारों में परिवर्तन हो सकेगा।


