बैतूल। जिले के बोरदेही थाना क्षेत्र के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र की मोरखा शाखा में खाताधारकों के साथ कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में करीब 1.14 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की जांच की जा रही है। आरोप है कि खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर बदलकर नेट बैंकिंग के जरिए लेनदेन किए गए और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर एफडी तुड़वाकर रकम निकाली गई।मामले में पुलिस ने 24 अक्टूबर को बैंक के सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे और गौरव सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक विधि विरुद्ध बालक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने छह मोबाइल फोन, सोना-चांदी और एक कार सहित करीब 22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने की जानकारी दी है।जनवरी से चल रही थी कथित गड़बड़ीपुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोरखा शाखा में जनवरी 2026 से कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताएं की जा रही थीं। आरोप है कि बैंक के सहायक प्रबंधक की आईडी का इस्तेमाल कर खाताधारकों के नेट बैंकिंग से जुड़े मोबाइल नंबर बदले गए। इसके बाद खातों में अनधिकृत लेनदेन और एफडी तुड़वाने जैसी गतिविधियां की गईं।जांच के अनुसार, कुछ मामलों में खाताधारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर एफडी की रकम निकालने का आरोप भी है। पुलिस को जांच के दौरान करीब 10 बार मोबाइल नंबर बदले जाने की जानकारी मिली है। खातों से निकाली गई या ट्रांसफर की गई राशि को कथित तौर पर रिश्तेदारों और अन्य बैंक खातों में भेजा गया। पुलिस का कहना है कि इस रकम से कार सहित दूसरी संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है।छह मामलों में दर्ज हैं अपराधबोरदेही पुलिस के अनुसार, मोरखा शाखा के खाताधारकों की शिकायतों पर छह अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी अनुमति के बिना उनके खातों से रकम निकाली गई या अनधिकृत वित्तीय लेनदेन किए गए।दर्ज प्रकरणों में ज्योति रघुवंशी के खाते से 4,86,175 रुपये, फूलवंती के खाते से संबंधित 2,74,000 रुपये, इंद्रेश रघुवंशी के मामले में 1,85,786 रुपये और भोजराज सोनी के मामले में 5,50,000 रुपये के कथित अनधिकृत लेनदेन का उल्लेख है।इसके अलावा, रागिनी साहू की शिकायत पर 1,55,371 रुपये की कथित निकासी के मामले में तथा विवेक सोनी की शिकायत पर खाते से कथित फर्जी हस्तांतरण के मामले में भी अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस इन सभी मामलों में बैंक खातों के लेनदेन, रकम के हस्तांतरण और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।सहायक प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार, बालक पर भी कार्रवाईपुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश खरपुसे और मुलताई एसडीओपी शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन में बोरदेही पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके के नेतृत्व में गठित टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की।पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सहायक प्रबंधक लुकेश गोखे नागपुर जिले के नरखेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम मोवाड के निवासी हैं और वर्तमान में मोरखा में रह रहे थे। दूसरे आरोपी गौरव सूर्यवंशी ग्राम मोरखा का निवासी है। मामले में शामिल एक विधि विरुद्ध बालक के संबंध में कानून के अनुसार अलग कार्रवाई की गई है।22.33 लाख रुपये की संपत्ति जब्तजांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े स्थानों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर संपत्ति जब्त की है। पुलिस द्वारा जारी विवरण के मुताबिक, जब्त सामग्री में शामिल हैं:* छह मोबाइल फोन: करीब 65 हजार रुपये* सोना: करीब 8.28 लाख रुपये* चांदी: करीब 1.40 लाख रुपये* कार: करीब 12 लाख रुपयेइस तरह जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 22.33 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अब जब्त संपत्ति के स्रोत और कथित वित्तीय धोखाधड़ी से उसके संबंध की जांच कर रही है।पुलिस टीम ने की कार्रवाईयह कार्रवाई एसडीओपी मुलताई शिवकुमार सिंह के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी भैयालाल उईके के नेतृत्व में की गई। बोरदेही थाने के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ साइबर सेल बैतूल की टीम ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस अधीक्षक ने मामले में कार्रवाई करने वाली टीम के प्रयासों की सराहना की है।बैंक खातों और एफडी की नियमित जांच करने की अपीलपुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने आम लोगों से बैंक खातों और ऑनलाइन बैंकिंग को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खाताधारक नियमित रूप से अपनी पासबुक, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल पर आने वाले बैंकिंग संदेशों की जांच करें। खाते से जुड़े मोबाइल नंबर में बदलाव, एफडी तुड़वाने या किसी अन्य वित्तीय गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत बैंक से संपर्क करें।पुलिस ने लोगों को ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है। यदि खाते से बिना अनुमति रकम निकलती है या कोई संदिग्ध लेनदेन दिखाई देता है, तो तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना दें। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की जा सकती है।फिलहाल, सभी मामलों में विवेचना जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जब्त संपत्ति से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के दौरान की जाएगी।


