ललितपुर। शबरी जयंती पर यात्रा निकालने की मांग के लिए धरना देना पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल यादव को महंगा पड़ा गया। पुलिस ने धारा 144 लगी होने के दौरान बिना इजाजत धरने पर बैठने पर उन्हें उठा लिया और खींचते हुए गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस कारण यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल यादव शबरी जयंती पर सोमवार को यात्रा निकालने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांग कर रहे थे। लेकिन, रविवार की रात आठ बजे तक जब प्रशासन से यात्रा निकालने की मंजूरी नहीं मिली तो वह रात करीब साढ़े नौ बजे अपने कुछ समर्थकों के साथ घंटाघर पर धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और बिना धारा 144 का हवाला देते हुए बिना अनुमति धरना देने की बात कहकर उनसे उठने को कहने लगे। लेकिन, जब वह नहीं माने और अपनी मांग जायज बताने की बात करने लगे तो पुलिस ने उन्हें धरने से उठाकर खींचते हुए गाड़ी में बैठाने के बाद कोतवाली ले जाया गया। हालांकि, कुछ देर बाद उन्हें कोतवाली से छोड़ दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और यह घटनाक्रम शहर में चर्चा का विषय बन गया।
मामला संज्ञान में नहीं है, जांच कराई जाएगी। यदि मामले में सत्यता होगी तो कार्रवाई की जाएगी।
– कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक
पुलिस कोई बात सुनना नहीं चाहती थी। मेरे साथ अभद्रता की गई। पुलिस सत्तापक्ष के दबाव में काम कर रही है। इसको लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे।
– शिशुपाल सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

