- आयकर छापों के खिलाफ रायपुर से दिल्ली तक कांग्रेस का जवाबी हमला
- सुरजेवाला व पुनिया बोले-भाजपा के भ्रष्टाचार को उजागर करने से डरती है केंद्र सरकार
- कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में राजनैतिक दुर्भावना से छापे
Dainik Bhaskar
Mar 02, 2020, 03:56 AM IST
नई दिल्ली/रायपुर . राजधानी रायपुर समेत प्रदेश में कई प्रभावशाली लोगों और अफसरों पर पड़े अायकर छापों के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ रायपुर से दिल्ली तक मोर्चा खोल दिया है। रविवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने प्रेस कांफ्रेंस में केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राजनीतिक दुर्भावना से छत्तीसगढ़ में आयकर के छापे पड़वा रही है। लेकिन भाजपा के शासनकाल में जो भ्रष्टाचार और घपले हुए हैं, उनपर पीएम मोदी और अमित शाह खामोश क्यों रहे। 36 हजार करोड़ रुपए के नान घोटाले से लेकर पनामा पेपर्स जिनमें पूर्व सीएम रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह का नाम है, उस पर अब तक केंद्र सरकार ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की है।
इससे पहले सीएम बघेल ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर प्रदेश में आयकर विभाग के कार्रवाई की जानकारी दी। वे शनिवार की शाम दिल्ली गए थे, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से रायपुर लौट अाए थे।
भूपेश बघेल और पीएल पुनिया ने सोनिया गांधी से उनके निवास पर करीब अाधा घंटे तक चर्चा की। इसके बाद भूपेश ने मीडिया से कहा कि केन्द्र सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना से छत्तीसगढ़ में अायकर विभाग से छापेमारी करवाई है। दरअसल राज्य सरकार नान घोटाले की जांच करवा रही है। इसे प्रभावित करने के लिए अायकर कार्रवाई के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। राज्य को सूचना दिए बगैर जिस तरह से पूरी कार्रवाई की गई, यह संघीय ढांचे के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस पर कानूनी सलाह लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। भूपेश ने कहा कि हम केंद्र सरकार की किसी भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। मीडिया से चर्चा में पुनिया बोले कि केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ में भाजपा नेताओं और भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार करने वाले अफसरों पर हो रही कार्रवाई से घबराई हुई है। राज्य सरकार को बिना भरोसे में लिए जिस तरह से कार्रवाई हुई, वह संवैधानिक नहीं है। उन्होंने इस मामले को संसद सत्र में उठाने की बात भी कही।
प्रदेश में कई बार ऐसी कार्रवाई
आईटी का छापा एक सामान्य प्रक्रिया है। आईटी विभाग अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में जांच कर रहा है। यदि किसी के पास अघोषित संपत्ति मिलती है, तो उस पर केस बनेगा। छत्तीसगढ़ में कई बार ऐसी कार्रवाई की गई। संघीय ढांचे पर कुठाराघात तब होता है जब कांग्रेस द्वारा इन छापों पर प्रदर्शन किया जाता। -डॉ. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री
रायपुर में एक और शराब कारोबारी पर छापा भिलाई में सील हुए अपने बंगले पर पहुंचीं सौम्या
अायकर विभाग ने रविवार को चौथे दिन भी छापेमारी करते हुए रायपुर में विकास अग्रवाल को घेरकर जांच शुरू कर दी। उसके यहां कैश और ज्वेलरी जब्त करने के बाद फ्लैट सील कर दिया गया है। उधर, सीएम की डिप्टी सेक्रेटरी सौम्या चौरसिया दूसरे दिन यानी रविवार की रात अचानक अपने बंगले पहुंचीं और सील वगैरह का जायजा लेने के बाद वापस लौट गईं। इसके कुछ घंटे पहले सौम्या के पति सौरभ मोदी सुबह बंगले पहुंचे और आरोप लगाया कि उनकी गैरहाजिरी में मकान सील किया गया, इसलिए अाशंका है कि फंसाने के लिए उनके घर में कुछ भी रखवाया जा सकता है। जहां तक कार्रवाई का सवाल है, राजधानी रायपुर के अधिकांश परिसरों से अायकर विभाग ने जांच समेट ली है। शाम की फ्लाइट से दर्जनभर अफसरों की दिल्ली वापसी हुई है और अगले 24 घंटे में अधिकांश टीमें दिल्ली और मुंबई लौट सकती हैं।
आयकर विभाग के कुछ अाला अफसरों ने अलग-अलग शहरों में छापेमारी करने के बाद रायपुर में डेरा जमा लिया है। इससे पहले, शराब के कारोबार से जुड़े विकास अग्रवाल के गोलछा अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में आयकर टीमों ने सघन जांच की थी। यह जांच शनिवार को देर रात शराब कारोबार से जुड़े संजय दीवान और सिद्धार्थ सिंघानिया के यहां से मिली सूचना के अाधार पर की गई। सूत्रों के अनुसार विकास के इस अपार्टमेंट में तीन फ्लैट हैं। विकास नहीं था, लेकिन उसके दूसरे माले के फ्लैट से 12 लाख की ज्वैलरी और 1.32 लाख रुपए नगद सीज किया गया है। जबकि पहले माले के फ्लैट में कच्चे लेनदेन के दस्तावेज मिले हैं। खबर यह भी है कि जिनके यहां छापे पड़ रहे हैं, उनसे जुड़े 3 लोग अंडरग्राउंड हो गए हैं, जिनमें एक होटल कारोबारी और एक बिल्डर भी है।
रायपुर में मोदी-शाह के पुतले फूंके
एनएसयूआई के छात्रों ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पुतलों के साथ जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। कांग्रेस ने इस पूरी कार्रवाई को विद्वेषपूर्ण करार दिया है। रविवार को रायपुर के बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर एनएसयूआई के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की, फिर दोनों नेताओं का पुतला फूंका। एनएसयूआई नेताओं ने मौके पर हुई सभा में कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार अायकर विभाग की कार्रवाई से घबराने वाली नहीं है। भाजपा और उसके शासनकाल के दौरान के पूरे भ्रष्टाचार को उजागर किया जाएगा।
20 मिनट रुककर लौट गईं सौम्या
भिलाई में मंत्रालय उप सचिव सौम्या चौरसिया का मकान रविवार को भी सील रहा। उनके पति सौरभ मोदी रविवार को दोपहर सामने अाए और कहा कि उन्हें सूचना दिया बिना मकान सील किया गया। जबकि उन्होंने अपने घर के सामने ली गई सेल्फी वायरल की थी। सौरभ ने यह भी कहा कि हम घर खोलने को कह रहे हैं तो अधिकारी सही तरीके से बात नहीं कर रहे। मैंने कॉल किया था, लेकिन वे एक-दूसरे को फोन देते रहे। रात को सौम्या खुद बंगले पहुंचीं। घर पर चस्पा नोटिस पढ़ने के बाद उपसचिव सौम्या चौरसिया ने कहा कि आयकर की कार्रवाई से हैरत में हूं। मैं सभी तरह की जांच के लिए तैयार हूं। सौम्या करीब 20 मिनट परिसर में रुककर चली गईं। जानकारों के मुताबिक वह अपने ससुराल में रुकी हुई हैं।
अधिकांश जगह आयकर जांच पूरी
आईटी सूत्रों के अनुसार मेयर एजाज ढेबर, भाई अनवर ढेबर, पूर्व सीएस विवेक ढांड, आईएएस अनिल टुटेजा, आबकारी ओएसडी एपी त्रिपाठी, होटल कारोबारी गुरुचरण होरा, डाॅ. ए फरिश्ता, पूर्व पार्षद अफरोज अंजुम, सीए संजय संचेती और कमलेश जैन के यहां जांच पूरी कर अाईटी टीम लौट गई। हालांकि चौथे दिन भी अायकर अफसरों ने छापे के बारे में जानकारी नहीं दी है। बता दें कि 27 को आयकर विभाग की टीम छत्तीसगढ़ के कारोबारी, नेता और अफसरों के ठिकानों पर जांच करने के लिए पहुंची थी। उन्होंने सीअारपीएफ के जवानों को साथ लेकर छापेमारी की थी।
हाईप्रोफाइल जांच में आधारहीन चर्चाओं से माहौल बिगड़ा, जबकि वैसा कुछ हुआ नहीं
प्रदेश में राजनैतिक खलबली मचा देने वाले अायकर छापों को लेकर तस्वीर अब स्पष्ट होने लगी है। आयकर विभाग ने अब तक स्पष्ट नहीं किया है कि दर्जनभर लोगों के यहां हुई छापेमारी में जब्ती क्या है? अलग-अलग ठिकानों को मिलाकर लगभग 100 करोड़ रुपए कैश मिलने की चर्चाएं थीं, लेकिन अब तक उनकी पुष्टि नहीं हुई है और बताया जा रहा है कि छापों के दौरान कैश से भरी अलमारी वाली बात भी केवल चर्चा ही रही, पूरे छापों में अब तक ज्यादा कैश मिलने की अधिकृत सूचना नहीं है।
- आबकारी विभाग के ओएसडी एपी त्रिपाठी के यहां जांच पूरी करके आयकर टीमें लौट गई हैं। ऐसी चर्चाएं थीं कि बैकअप जांच के लिए सीबीआई त्रिपाठी के भिलाई स्थित निवास पर पहुंची है, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि सीबीआई कोई जांच नहीं कर रही है।
- आयकर विभाग की छापेमारी के दूसरे दिन भिलाई में पप्पू बंसल के यहां भी कार्रवाई की अफवाह फैली थी, लेकिन रविवार को स्पष्ट हो गया कि आयकर विभाग ने पप्पू बंसल के निवास को जांच के दायरे में लिया ही नहीं है।
- इसी प्रकार, जांच के लिए अन्य 32 संदिग्धों की सूची बनाने की सूचना भी थी। यह भी स्पष्ट हुअा है कि ऐसी कोई सूची नहीं बनाई गई है।
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