फैक्ट चेक: सीरिया बम धमाके में घायल बच्चे की तस्वीर दिल्ली हिंसा की बता कर वायरल – Fact check syria bomb blast injured child delhi violence viral photo social media

दिल्ली में हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या 45 पार कर चुकी है, वहीं 250 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इस हिंसा से जुड़ी बता कर सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरों की बाढ़ आई हुई है. ऐसे में ही एक घायल बच्चे की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि दिल्ली हिंसा के दौरान दंगाइयों ने स्कूल से घर आ रहे इस बच्चे को भी नहीं छोड़ा.

घायल बच्चे की तस्वीर विचलित कर सकती है, इसलिए हम बच्चे का चेहरा यहां नहीं दिखा रहे हैं.

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रही तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. यह तस्वीर दिल्ली हिंसा की नहीं बल्कि सीरिया की है, जहां फरवरी 2018 में सीरियाई सरकार ने बम गिराए थे. यह बच्चा इसी हमले में घायल हुआ था.

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

फेसबुक यूजर “Dhiraj Pandey ” ने घायल बच्चे की तस्वीर पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा: “देश ये दर्द नहीं भूलेगा ! स्कूल से घर आते बच्चे को भी दंगाइयों ने नहीं छोड़ा ! अब तक एक बच्चे की जान लेने तक की खबर देश के सामने आयी है ! दिल्ली दंगे की सोशल मीडिया पर आई हुई ये दर्दनाक तस्वीर ! क्या कसूर था इस बच्चे का ? देश ये दर्द नहीं भूलेगा ! 😢 #PMOINDIA #AMITSHAH #ARVINDKEJRIWAL”

खबर लिखे जाने तक यह पोस्ट 1800 से ज्यादा बार तक शेयर की जा चुकी थी.

वायरल तस्वीर के साथ किए जा रहे दावे का सच जानने के लिए हमने इसे रिवर्स सर्च किया. हमें रूसी सर्च इंजन येनडेक्स की मदद से यह तस्वीर गैटी इमेजिस में मिल गई. तस्वीर के साथ मौजूद कैप्शन के अनुसार तस्वीर 21 फरवरी 2018 को सीरिया के इस्टर्न घोटा में ली गई थी. सीरिया में सिविल वॉर के दौरान सरकार ने विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी. उस एयरस्ट्राइक में घायल हुआ यह बच्चा कफ्र बटना में एक अस्पताल में इलाज के लिए इंतजार कर रहा था.

हमें इस एयरस्ट्राइक से संबंधित कई मीडिया रिपोर्ट्स भी मिलीं, जिसमें इन हमलों में घायल हुए बच्चों के बारे में भी लिखा गया है.

दिल्ली में हुई हिंसा में कई लोगों की जान गई लेकिन अभी तक इसमें किसी बच्चे के मरने की खबर सामने नहीं आई जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया. ऐसे में यह पुख्ता तौर से कहा जा सकता है कि वायरल हो रही तस्वीर दिल्ली की नहीं बल्कि सीरिया की है और करीब दो साल पुरानी है.

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