- भारत में कोरोना वायरस के 20 से ज्यादा मामले
- राजस्थान के शहर भी कोरोना वायरस से प्रभावित
राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने जहां कुछ जरूरी कदम उठाए तो वहीं दूसरी ओर इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधने से भी नहीं चूकी. राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार अगर सावधानी बरतती और हमें समय से बता देती कि इटली के पर्यटक जयपुर आ रहे हैं तो कोरोना वायरस के फैलने की दहशत नहीं होती. अभी पता नहीं है कि इन लोगों की दिल्ली में एयरपोर्ट पर उतरने के बाद स्क्रीनिंग की गई थी या नहीं.
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि 26 पर्यटकों का दल दिल्ली से जयपुर घूमने आया था, जिसमें 23 इतालवी पर्यटक थे और बाकी के दो हेल्पर और ड्राइवर थे. यह लोग जयपुर आने से पहले झुंझुनू जिले के मंडावा, उदयपुर, बीकानेर, जोधपुर और जैसलमेर भी गए थे. जब यह उदयपुर से जयपुर की तरफ आ रहे थे तो उनमें से 69 साल के एक पर्यटक की तबीयत खराब हुई, जिसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस पर्यटक की जांच की गई थी तब कोरोना वायरस की रिपोर्ट निगेटिव आई थी.
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि उस मरीज को मेडिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया था मगर उसको छुट्टी देने से पहले जब एक और जांच की गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई. उसके बाद हमने आगे की जांच के लिए इसका सैंपल पुणे भेजा था, जहां उसमें कोरोना वायरस पाया गया. इसके बाद उसकी पत्नी की भी जांच की गई. यहां पर प्रारंभिक तौर पर इसमें कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं और इसकी भी अंतिम जांच के लिए रिपोर्ट पुणे भेजी गई है.
गहलोत के मंत्री ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने आगे केन्द्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें नहीं बताया गया था कि यह लोग दिल्ली से राजस्थान घूमने आ रहे हैं और इटली से आए थे. अब रिपोर्ट सामने आई है तो हमने केंद्र सरकार को सूचना दे दी है जहां पर बाकी के 21 पर्यटकों में से 15 लोगों में कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं. इसके अलावा यह लोग राजस्थान में जहां-जहां गए थे उन होटलों में कमरों को सील कर दिया गया है और कुल ऐसे 93 लोगों का सैंपल एकत्रित किया गया है जो इनके संपर्क में आए थे.
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स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक इनमें से सबसे ज्यादा मंडावा में इनके संपर्क में आए 59 लोगों में से 39 लोगों में लक्षण पाए गए हैं जिनकी जांच के लिए सैंपल भेजा गया है. बीकानेर और जैसलमेर में इनके संपर्क में आए लोगों में लक्षण नहीं पाए गए हैं जबकि जोधपुर और उदयपुर में इनके संपर्क में आए एक व्यक्ति के अंदर सर्दी-जुकाम के लक्षण मिले हैं जिसकी जांच की जा रही है.
होली महोत्सव भी किया गया रद्द
कोरोना वायरस के पैर पसारने के डर से पर्यटन विभाग ने राज्य सरकार द्वारा मनाया जाने वाला होली महोत्सव रद्द कर दिया है. राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि इस बार टूरिज्म विभाग होली फेस्टिवल नहीं कराएगा. साथ ही बाकी के होटलों को भी हमने सूचित किया है कि इस तरह के आयोजन वे नहीं करें जिसमें विदेशी टूरिस्ट शामिल हों.
राज्य के पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस की वजह से होटलों में बुकिंग रद्द हो रहे हैं. प्रारंभिक तौर पर 20 से 30 से प्रतिशत तक कैंसिलेशन की सूचना आई है मगर हम आंकड़े जमा कर रहे हैं.
विधानसभा में भी हुआ कोरोना को लेकर बवाल
इस बीच, विधानसभा में प्रताप नगर में हेल्थ यूनिवर्सिटी में आइसोलेशन वार्ड शुरू करने को लेकर बीजेपी के स्थानीय विधायक अशोक लाहोटी ने विरोध किया तो सरकार ने कहा कि 30 आइसोलेशन वार्ड सवाई मानसिंह अस्पताल में हमने खोले हैं, बाकी के लिए दूसरी जगह इंतजाम करने होंगे. इसके लिए सरकार रातोंरात कहीं आइसोलेशन वार्ड नहीं बना सकती. वहां पर कुल 9 संदिग्धों को रखा गया है, जिनकी उम्र 30 साल से नीचे है और उनकी सबकी प्रारंभिक रिपोर्ट नेगेटिव आई है.
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राजस्थान विधानसभा में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे सभापति राजेंद्र पारीक ने कहा कि हमारे यहां एक वैद्य हैं जो होम्योपैथी की दवा देते हैं जिससे कोरोना वायरस ठीक हो जाता है. सरकार को चाहिए कि उस वैद्य से दवा लेकर सब लोगों को खिलाएं. इसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा से उनकी बहस भी हुई और रघु शर्मा ने कहा कि हम डब्ल्यूएचओ और केंद्र सरकार के निर्देशों के अलावा और किसी के निर्देश का पालन नहीं करेंगे.


