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आयकर छापों में यहां कुछ नहीं कर सकी तो मप्र में विधायक तोड़ने में जुटी भाजपा: भूपेश

उसमें भी एक अफसर के यहां तीन लाख, दूसरे के यहां 13 लाख और तीसरे के यहां 26000 ही मिले। पार्षद अफरोज अंजुम के यहां 1800 मिले। इसके विपरीत
भाजपा कार्यकर्ता के यहां एक करोड़ मिले हैं।

यस बैंक से सिर्फ 50 हजार रुपए तक निकाल पाएंगे ग्राहक

स्टेट बैंक के पूर्व सीएफओ प्रशांत कुमार यस बैंक के प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। करीब छह माह पहले रिजर्व बैंक ने बड़ा घोटाला सामने आने के बाद पीएमसी बैंक के मामले में भी इसी तरह का कदम उठाया गया था। इसी बीच, खबर है कि स्टेट बैंक और एलअाईसी यस बैंक की हिस्सेदारी खरीदेगी। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने जनवरी में कहा था कि संकट में फंसे यस बैंक को बंद नहीं होने दिया जाएगा। करीब 40 अरब डॉलर (2.85 लाख करोड़ रुपए) की बैलेंस शीट के साथ यह एक अहम बैंक है। इसका विफल होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा नहीं होगा।

बड़े निजी बैंक पर 2004 के बाद ऐसी कार्रवाई : यस बैंक भारत में निजी क्षेत्र का चौथा सबसे बड़ा बैंक है। देश में इसकी करीब 1,000 शाखाएं और 1,800 एटीएम हैं। आरबीआई ने किसी बड़े निजी बैंक पर करीब 16 साल बाद इतनी सख्ती की है। इससे पहले 2004 में ग्लोबल ट्रस्ट बैंक पर तीन महीने की पाबंदी लगी थी। हालांकि, तब पाबंदी की घोषणा के दो दिन के अंदर ही सरकारी स्वामित्व वाले अाॅरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने उसका अधिग्रहण कर लिया था।

यस बैंक के संकट में फंसने के चार प्रमुख कारण :

1. बैंक अगस्त 2018 से संकट में है। तब अारबीअाई ने बैंक के तत्कालीन चीफ एक्जीक्यूटिव राणा कपूर से कामकाज के संचालन और कर्ज से जुड़ी खामियों की वजह से 31 जनवरी, 2019 तक पद छोड़ने को कहा था।

2. 31 मार्च तक 3,277 करोड़ के बेड लोन की अंडर रिपोर्टिंग की। राणा कपूर के उत्तराधिकारी रवनीत गिल ने बैंक ने दबाव वाली संपत्तियों का खुलासा किया है जिनकी पहले जानकारी नहीं दी गई थी।

3. बैंक को मार्च, 2019 की तिमाही में पहली बार घाटा हुआ। बैंक ने शुरू में 200 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना बनाई थी। पर काेई प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ा। बाद में बैंक के बोर्ड ने कनाडा के निवेशक एसपीजीपी ग्रुप/इरविन सिंह ब्रायच के 120 डॉलर के निवेश के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।

4. सितंबर 2019 में यस बैंक का एनपीए 7.4% था। ग्रोथ के लिए बैंक को 10,000 करोड़ रुपए की पूंजी की जरूरत है। लेकिन मार्केट वैल्यू इससे नीचे है। बीएसई में गुरुवार को यस बैंक का मार्केट कैप 9,398.49 करोड़ रुपए रहा।

यह किसी दूसरे बैंक के साथ विलय की दिशा में एक कदम :
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जहां नल नहीं उन पर भी लगा जलकर, एक अपार्टमेंट में एक जैसे फ्लैट लेकिन संपत्ति कर अलग, फिर भी 5 गुना जुर्माने की धमकी

सर्वे के बाद निगम के आनलाइन रिकार्ड में टैक्स बढ़कर 33350 रुपए हो गया। बड़े भवनों और कांप्लेक्स के अलावा छोटे घरों और मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के फ्लैट्स के टैक्स भी ढेरों विसंगतियां हैं। डीडी नगर वार्ड के गोल चौक में एक ही आकार के कंस्ट्रक्शन एरिया में टैक्स अलग-अलग है। जैसे ज्योति सोनी और दीनबंधु पाल के मकानों का कवर्ड एरिया 1700-1700 वर्गफीट है। लेकिन ज्योति का टैक्स 4929 और दीनबंधु का टैक्स 7019 रुपए बना है। इसी एरिया के इसके ठीक उलट, डंगनिया में 600 वर्गफीट के कंस्ट्रक्शन एरिया वाले मकान के मालिक हीरालाल बजाज का टैक्स 4035 रुपए भेज दिया गया है। ऐसा ही दिलचल्प मामला डीडीनगर में पत्रकार विहार का है। यहां स्व. केसी कर का 1450 वर्गफीट का मकान है। आनलाइन रिकार्ड में कुल कवर्ड एरिया 350 वर्गफीट बताया गया और उसी आधार पर 3604 रुपए का टैक्स डिमांड नोट जारी किया गया है। यह गलती सुधारने के लिए परिवार वाले अब निगम के चक्कर लगा रहे हैं।

आधार पर बड़े खर्च के बाद एनपीआर पर 3900 करोड़ रुपए क्याें खर्च रहे: संसदीय समिति

जब अाधार पर सब कुछ ताे एपीअार अपडेशन की जरूरत क्याें : आधार के डेटा से ही एनपीआर तैयार क्यों नहीं किया जाता? इसके जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा कि 2010 में जो एनपीआर बना था और जाे 2015 में अपडेट किया गया, उसे जन्म मृत्यु और जनसंख्या पलायन के कारण अपडेट करने की जरूरत है। चूंकि, एनपीआर नए सिरे से तैयार नहीं किया जा रहा, लिहाजा आधार का डेटा इसमें काम नहीं आएगा। दूसरा कारण यह है कि आधार में व्यक्ति का डेटा होता है जबकि एनपीआर में सरकार को परिवार के हिसाब से जानकारी चाहिए। कमेटी ने कहा कि सरकार के इस तर्क में दम नहीं है कि आधार का डेटा व्यक्तिगत है। कमेटी का मत है कि आधार का डेटा राशन कार्ड, पैन कार्ड से जुड़ा है और इसमें परिवार का सरनेम, पता आदि सब होता है। ऐसे में यह बात समझ में नहीं आती कि आधार को व्यक्तिगत डेटा क्यों कहा जा रहा है।

एनपीअार पर लाेगाें में असंताेष: कमेटी ने कहा कि एनपीआर को लेकर लोगों में घबराहट और असंतोष है। सरकार को ऐसे उपाय खोजने होंगे, ताकि जनगणना का काम सहजता से हो जाए। ऐसा नहीं हुआ तो कई राज्यों में पूरी प्रक्रिया ही खराब हो सकती है।

रतनपुर में 3 बच्चों की हत्या के दाेषी की फांसी सुप्रीम काेर्ट ने उम्रकैद में बदली, जेल में 25 साल कैद रहेगा

11 फरवरी 2011 को स्कूल से घर लौटते वक्त मनोज उन्हें बहला-फुसलाकर खेत में ले गया। वहां साक्षी का गला घोंटकर हत्या कर दी। बाकी दो बच्चे भागने लगे तो मनाेज ने दोनों को पकड़कर उन्हें पत्थर पर पटक-पटक कर मार डाला था।

लाेकसभा उपाध्यक्ष से कागज छीनकर उछाले, 7 कांग्रेस सांसद सत्र से निलंबित

यह स्पीकर का नहीं, सरकार का तानाशाही फैसला है। उन्हाेंने
कहा कि सरकार बदले की
भावना से काम कर रही है। चाैधरी ने कहा कि सरकार समझ ले कि एेसी कार्रवाई से कांग्रेस डरने
वाली नहीं। सरकार के गलत कदमों के खिलाफ कांग्रेस लगातार संघर्ष करेगी।

कागज छीनने वाले की सदस्यता खत्म करने की
मांग करेगी सरकार: संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जाेशी ने कहा
कि अाज तक स्पीकर के अासन पर एेसे प्रहार नहीं किया गया। सरकार जांच के लिए दबाव बनाएगी, ताकि कागज छीनने
वाले सांसद की सदस्यता खत्म
की जा सके। उन्हाेंने कहा कि सरकार ने स्पीकर से इस मामले में कमेटी बनाने का अाग्रह किया है, जाे कांग्रेस सांसदाें की लगातार चली अा रही अनुशासनहीनता की जांच करे। जाेशी के अनुसार स्पीकर ने कमेटी बनाने पर सहमति जताई है।

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