- जिस जगह पर मारे पक्षी वहां, कई इलाकों से आते हैं परिंदे
- अब अवशेषों की जांच के बाद साफ होगा कि आरोपियों ने किन पक्षियों को मारा
दैनिक भास्कर
Apr 01, 2020, 03:07 PM IST
जशपुर. पूरे देश में लॉकडाउन के बीच लोग घरों में खुद को कैद किए हुए हैं। इस दौरान कुछ युवकों को पिकनिक मनाने की सूझी। वह भी पक्षियों का शिकार करने के बाद उनकी दावत उड़ाने के आइडिया के साथ। लिहाजा यह जिले के नीम गांव डेम इलाके में पहुंच गए। यहां कई प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं, जो देश के कई हिस्सों से यहां झुंड में जमा होते हैं। युवकों ने इनका एयरगन से शिकार किया और पकाकर दवात भी उड़ाई। वन विभाग ने एयरगन के साथ मोजज्मिल अंसारी, मुनाजिर अंसारी , शाहजहां आलम और , मसरूर आलम को पकड़ा है। यह युवक शहर के कोतवाली इलाके के रहने वाले हैं।
डीएफओ एसके जाधव ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि नीम गांव डेम में कुछ लोग पक्षियों का शिकार करके उन्हें खा रहे हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने एक निजी वाहन की मदद से नीमगांव डेम की घेरा बन्दी की। पिकनिक मनाने में मस्त इन शिकारी युवकों को पकड़ा गया। युवकों ने जिन पक्षियों को मारा अब उनके अवशेषों से पक्षियों की जांच की जाएगी। जांच की जा रही है इसके साथ ही वन अधिनियम की धाराओं के तहत शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह पक्षी आते हैं नीम गांव
जानकारों के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों में यहां पक्षियों की तदाद और बढ़ेगी। यह लोकेशन जशपुर शहर से 20 किलोमीटर दूर है। यहां पंक्षी हिमालय क्षेत्र से हजारों किलोमीटर का लंबा सफर कर प्रतिवर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक यहां पहुंचते हैं। करीब तीन माह समय बिताने के बाद पक्षी यहां से ओड़िसा के चिलका झील की ओर रवाना हो जाते हैं। हर साल नीमगांव जलाशय में सेलडक (ब्रासनी डक) बारहेडेडगिज (राजहंश), पिनटेल, उलेंड हेडेड स्टार, लिटिल कार्बोरेटग्रेव यहां पहुंचते हैं।
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