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ललितपुर। उच्चतम न्यायालय द्वारा कोरोना वायरस के कारण 07 वर्ष तक सजा के मामलों से संबंधित विचाराधीन बंदियों को आठ सप्ताह की अंतरिम जमानत पर छोडे़ जाने के निर्देश के क्रम में 15 विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया।
अपर जिला जज/ प्रभारी सचिव जिला विघिक सेेवा प्राधिकरण निर्भय प्रकाश ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अधिकारीगण चंद्रमोहन श्रीवास्तव अपर जिला जज (पॉक्सो), रवि कुमार गुप्त, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अनुभव कटियार, न्यायिक मजिस्ट्रेट महरौनी एवं अर्चना सक्सेना, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला कारागार में गए तथा 15 विचाराधीन बंदियों द्वारा अंतरिम जमानत हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया।
इस दौरान वीके मिश्र कारापाल, सुरेश कुमार उप कारापाल, वीएन अंबेडकर उप कारापाल, न्याय विभाग के प्रवीण कुमार मिश्र, हितेश्वर चंद्रा, अनिल कुमार यादव, शुभम जैन, जयदेव, अक्षय पुरोहित, संजय कुमार, संजय प्रसाद दुबे, आदि उपस्थित रहे।
अपर जिला जज/ प्रभारी सचिव जिला विघिक सेेवा प्राधिकरण निर्भय प्रकाश ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर न्यायिक अधिकारीगण चंद्रमोहन श्रीवास्तव अपर जिला जज (पॉक्सो), रवि कुमार गुप्त, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अनुभव कटियार, न्यायिक मजिस्ट्रेट महरौनी एवं अर्चना सक्सेना, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट जिला कारागार में गए तथा 15 विचाराधीन बंदियों द्वारा अंतरिम जमानत हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया।
इस दौरान वीके मिश्र कारापाल, सुरेश कुमार उप कारापाल, वीएन अंबेडकर उप कारापाल, न्याय विभाग के प्रवीण कुमार मिश्र, हितेश्वर चंद्रा, अनिल कुमार यादव, शुभम जैन, जयदेव, अक्षय पुरोहित, संजय कुमार, संजय प्रसाद दुबे, आदि उपस्थित रहे।
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