PM Narendra Modi appeals to light lamps, Diya on 5 April, RJD asks 3 questions – 5 अप्रैल को घर की लाइट बुझाकर बाहर प्रकाश करने की पीएम मोदी ने की अपील, तो RJD ने पूछे 3 अहम सवाल

5 अप्रैल को घर की लाइट बुझाकर बाहर प्रकाश करने की पीएम मोदी ने की अपील, तो RJD ने पूछे 3 अहम सवाल

खास बातें

  • RJD नेता शिवानंद तिवारी का पीएम मोदी पर निशाना
  • ‘भाषण में ठोस कुछ भी नहीं था’
  • ‘न तो कोई दृष्टि है और न कोई योजना’

पटना:

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री के भाषण पर निराशा जतायी है. राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के भाषण ने बहुत निराश किया है. इस भाषण में ठोस कुछ भी नहीं था. शब्दों का आडंबर  रचने में हमारे प्रधानमंत्री जी को महारत हासिल है. आज के भाषण में  प्रधानमंत्री जी ने  उसी का प्रदर्शन किया. कहा जा सकता है  कि देश ने  आज  प्रधानमंत्री जी का  भाषण नहीं बल्कि  उनका  प्रलाप  सुना. शिवानंद तिवारी ने कहा कि  इस भाषण से स्पष्ट हो गया कि प्रधानमंत्री जी  के पास  इतनी बड़ी विपत्ति से  लड़ने की न तो कोई दृष्टि है और न कोई योजना. गौरतलब है कि प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक वीडियो संदेश जारी कर सभी देशवासियों से अपील की है कि 5 अप्रैल की रात 9 बजे सभी लोग अपने घरों की लाइट बंद करके बाहर दरवाजे पर 9 मिनट तक प्रकाश फैलाएंगे. इससे देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है. साथ ही इस बात का भी संदेश देना है कि गरीब भाई-बहनों के साथ देश खड़ा वो अकेले नहीं है. पीएम मोदी ने इसके साथ ही सोशल डिस्टैंसिंग पर भी जोर दिया है. उन्होंने कहा कि इस दौरान भीड़ नहीं इकट्ठा नहीं करना है और सोशल डिस्टैसिंग की लक्ष्मण रेखा कोई न लांघे.

RJD नेता शिवानंद तिवारी ने पूछे सवाल

  1. प्रधानमंत्री जी ने गरीबों का नाम तो लिया. लेकिन गरीबों का जीवन कैसे चलेगा?  रोज कमाने खाने वाले लोग अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे? 
  2. सरकार के पास उनके लिए क्या योजना है ?ऐसे करोड़ों लोगों को प्रधानमंत्री जी के भाषण ने निराश किया होगा.
  3. पीएम कहते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग को हर हालत में कायम रखना है. लेकिन झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले एक एक कमरे में पूरा परिवार गुजर-बसर करने वाले लोग सोशल डिस्टेंसिंग को कैसे बनाए रखेंगे? इसका कोई जिक्र प्रधानमंत्री जी के भाषण में नहीं था

आपको बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन जारी है. इसस फैसले के 9 दिन हो गए हैं. लेकिन कोरोना वायरस की भी रफ्तार तेज हो गई है. इस दौरान लोगों की लापरवाही, पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों के झगड़े और तबलीगी जमात का मुद्दा भी सामने आया है. इस बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है.  सरकार और मेडिकल एक्सपर्ट का कहना है कि इस बीमारी की चैन तोड़ना बहुत जरूरी है.  


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