आदिवासी महिलाएं ग्रामीणों, वनकर्मियों के लिये बना रहीं “होम मेड मास्क”


आदिवासी महिलाएं ग्रामीणों, वनकर्मियों के लिये बना रहीं “होम मेड मास्क”


 


भोपाल : शुक्रवार, अप्रैल 3, 2020, 19:22 IST

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा अनुरूप वन विभाग ने नोवेल कोरोना वाइरस के संक्रमण के दौरान ग्रामीण क्षेत्र में लोगों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिये ग्रीन इंडिया मिशन अंतर्गत नई पहल की है। वनमंडल उत्तर बैतूल के परिक्षेत्र भौंरा में सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त आदिवासी महिलाओं के ‘अरण्य स्व-सहायता समूह’ द्वारा वन विभाग के सहयोग से भारत सरकार की गाइडलाइन अनुसार कॉटन के कपड़े से मास्क निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

यह मासस्क ‘होम मेड मास्क’ की श्रेणी में आता है, जो कोरोना वाइरस के संक्रमण को रोकने में 70 प्रतिशत तक सफल है। इसे धोने के बाद कई बार उपयोग किया जा सकता है। इस मास्क को अल्ट्रा वायलेट लाइट तकनीकी से संक्रमित रहित (सेनिटाईज) किया जा रहा है। समूह द्वारा 10 हजार मास्क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। समूह द्वारा पिछले 24 मार्च से 2 अप्रैल तक 5000 मास्क निर्माण किए जाकर वितरित किए जा चुके हैं। यह मास्क 8 रूपये की दर पर स्थानीय ग्रामीणों को प्रदाय किया जा रहा है।

होम मेड मास्क प्राथमिकता के आधार पर वन अमले, वन सुरक्षा में लगे सुरक्षा श्रमिक तथा ऐसे ग्रामीणों, जो ग्राम से बाहर किसी कार्य से गए थे एवं वापस लौटे हैं एवं ऐसे व्यक्ति, जिन्हें आकस्मिक कार्य से बाहर जाना पड़ता है और मास्क क्रय करने में समर्थ नहीं है, उन्हें विभाग की संयुक्त वन प्रबंध समितियों के माध्यम से नि:शुल्क वितरित किए जा रहे हैं। इस काम में वन कर्मचारी एवं वन समितियाँ सक्रियता से भाग ले रही हैं। मास्क वितरण का काम सभी वन परिक्षेत्रों में किया जा रहा है। वन समितियों में मास्क वितरण के साथ-साथ हाथ धोने के लिये साबुन भी प्रदाय किया जा रहा है। ग्रामीणों को समय-समय पर हाथ धोने एवं मास्क को पुन: उपयोग के पूर्व साबुन से गरम पानी में धोकर पाँच घंटे तेज धूप में सुखाने की समझाइश भी दी जा रही है।

मास्क के लिये सामग्री की निरंतर उपलब्धता के संबंध में स्थानीय अधिकारी स्थानीय प्रशासन के सम्पर्क में हैं। समूह प्रति दिन लगभग 1000 मास्क निर्माण करने का क्षमता रखता है। मास्क निर्माण के माध्यम से स्व-सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ राष्ट्र को इस कठिन परिस्थिति में अपना बहुमूल्य योगदान देने का अवसर प्राप्त हो रहा है।


सुनीता दुबे


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here