कोरोना से शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा है, जिस पर इस महामारी ने अपना प्रभाव नहीं डाला है, शिक्षा का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। अनिश्चितकाल के लिए बंद विद्यालयों के छात्रों के लिए ऑनलाइन एजुकेशन प्लेटफॉर्म राहत दे रहे हैं। हर वर्ग की अपनी भूमिका है चाहे एक शिक्षक हो, अभिभावक हो या विद्यार्थी। शिक्षक इस दौरान ऑनलाइन टीचिंग, ई- कंटेंट, खुद के वीडियो, पाठ योजना, असाइनमेंट्स के जरिए अपना और विद्यार्थियों की मदद कर रहे हैं। अभिभावक भी घर पर बच्चों को पहले से ज्यादा समय देते हुए विद्यालय से मिले निर्देशों को समझने और अमल करने में मदद कर रहे हैं। एसआरव्हीएम स्कूल के छात्रों को तीन चरणों शारीरिक विकास, शैक्षणिक विकास और व्यक्तिगत विकास के लिए घर से ही तैयारी कराई जा रही है।
}ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
स्कूल के शिक्षकों द्वारा तैयार वर्कशीट, पाठ्य पुस्तक के अध्यायों पर आधारित नोट्स, वीडियोज, क्युरिओ, ऑनलाइन टीचिंग, एनसीईआरटी ई कंटेंट्स, यू ट्यूब वीडियो इत्यादि के माध्यम से विद्यार्थी घर बैठे पढ़ाई कर रहे हैं। इस शिक्षण सामग्री का प्रयोग करके खुद को अपडेट कर रहे हैं। कक्षा सात के असीम शेख कहते हैं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के चलते हमारी पढ़ाई का रिदम बना हुआ है।
}आई फाइट कोरोना
आई फाइट कोरोना की थीम पर रोजाना सभी क्लास ग्रुप को असाइनमेंट दिया जाता है। इसमें पेटिंग, स्लोगन, निबंध, प्रतिवेदन, विज्ञापन, नाटक, कहानी लेखन, संवाद पर जानकारी मांगी जाती है। इसका उद्देश्य स्टूडेंट्स को जागरुक करना है। वह अपने-अपने विचार के साथ अपनी बात रखते हैं तो सभी एक दूसरे को देखकर सीखते हैं। प्रथम आई कक्षा 12 वीं की छात्रा खुशी ने पेंटिंग के माध्यम से स्टे होम गेट वेल सून का संदेश दिया।
ऑनलाइन प्लेटफाॅर्म्स का फायदा लेकर घरों से ही पढ़ रहे ।
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