रात 9 बजे लाइट ऑफ करने से नहीं फेल होगा ग्रिड, ऊर्जा मंत्रालय ने दिए सभी सवालों के जवाब – Coronavirus lockdown power ministry addresses all doubts about grid instability ahead of 9 baje 9 minutes lights off news

  • PM ने आज रात 9 बजे लाइटों को बंद करने और दीप जलाने की अपील की
  • ग्रिड फेल होने और बिजली के सामान खराब होने की जताई जा रही थी आशंका

कोरोना वायरस तेजी से फैलता जा रहा है. देश में रोज नए मामले सामने आ रहे हैं. मोदी सरकार ने कोरोना को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन कर दिया है. साथ ही संकट की इस घड़ी में पीएम मोदी एकजुटता का संदेश दे रहे हैं.

उन्होंने देशवासियों से रविवार को रात 9 बजे 9 मिनट तक लाइट बंद करने और दीया, मोमबत्ती, टॉर्च व मोबाइल की लाइट जलाकर एकजुटता का संदेश देने और कोरोना के अंधकार को प्रकाश की ताकत से हराने की अपील की है. पीएम मोदी की इस अपील पर बिजली का लोड कम होने से पावर ग्रिड फेल होने समेत कई तरह की आशंका जताई जा रही है.

इस बीच राज्यों के बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है वो सिर्फ लाइटें बंद करें. फ्रिज, एसी और पंखा को चलने दें. वहीं, अब ऊर्जा मंत्रालय ने इन आशंका को खारिज किया है. ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि इस परिस्थिति में ग्रिड के संतुलन को बनाए रखने के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं.

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि उस समय स्ट्रीट लाइट से लेकर रेफ्रिजरेटर, पंखे जैसे घरेलू उपकरण नहीं बंद होंगे. सिर्फ घरों की लाइटें बंद होंगी, जिससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा. ऊर्जा मंत्रालय ने इन आशंकाओं से जुड़े कई सवालों के जवाब भी दिए हैं…..

सवाल- आज रात 9 बजे से 9:09 बजे तक क्या सिर्फ घर की लाइटों को बंद किया जाएगा या फिर सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और आवश्यक सेवाओं की लाइटों को भी बंद कर दिया जाएगा?

जवाब- पीएम मोदी की अपील के मुताबिक आज रात 9 बजे से 9:09 बजे तक सिर्फ घर की लाइटों को बंद किया जाएगा. सड़कों, सार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों और आवश्यक सेवाओं की लाइटों को नहीं बंद किया जाएगा.

सवाल- क्या घर की लाइटों को बंद रखने के दौरान बिजली के घरेलू उपकरण सुरक्षित रहेंगे?

जवाब- बिजली के सभी घरेलू उपकरण सुरक्षित रहेंगे. पंखे, एसी, फ्रिज आदि को बंद करने की जरूरत नहीं हैं. बिजली के लोड कम होने की चुनौती से निपटने के लिए इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड को अच्छे से डिजाइन किया गया है. बिजली के लोड के कम और ज्यादा होने को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था की गई है.

सवाल- क्या लाइटों के बंद होने के दौरान ग्रिड स्टेबिलिटी को बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है और प्रोटोकॉल बनाए गए हैं?

जवाब- हां, ग्रिड स्टेबिलिटी के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल बनाए गए हैं.

सवाल- क्या लाइटों को बंद करना जरूरी है या स्वैच्छिक है?

जवाब- सभी के लिए लाइटों को बंद करना स्वैच्छिक है और सिर्फ घर की लाइटों को ही बंद करना होगा.

सवाल- कुछ आशंकाएं जताई जा रही हैं कि लाइटों को बंद करने के दौरान ग्रिड में इनस्टेबिलिटी आ सकती है और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव आने से बिजली के उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है, इसमें कितनी सच्चाई है?

जवाब- ये आशंकांए पूरी तरह गलत हैं. यह सामान्य घटना है और बिजली के लोड कम होने या बढ़ने की समस्या को हैंडल करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल के अनुसार इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड को अच्छे से डिजाइन किया गया है.

सवाल- लाइटों के बंद होने से बिजली के वोल्टेज में आने वाले उतार-चढ़ाव को हमारा ग्रिड मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी झेल पाएंगे?

जवाब- इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड मजबूत और स्टेबल है. इसमें जरूरी कंट्रोल और प्रोटेक्टिव एलिमेंट्स लगाए गए हैं, जो बिजली के लोड के उतार-चढ़ाव की समस्या से निपटने में सक्षम हैं.

सवाल- क्या पंखा, रेफ्रिजरेटर और एसी आदि को बंद रखना चाहिए या फिर चालू रखना चाहिए?

जवाब- लाइटों के बंद रहने के दौरान सभी घरेलू बिजली उपकरण सुरक्षित रहेंगे. इन सभी को सामान्य तरीके से चालू रखना चाहिए. लाइटों को बंद करने के दौरान सभी घरेलू उपकरणों को बंद करने की कोई जरूरत नहीं है.

सवाल- क्या सड़कों की लाइटें बंद हो जाएंगी?

जवाब- नहीं, सड़कों की लाइटें नहीं बंद होंगी. सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और स्थानीय निकायों ने भी जनता की सुरक्षा के लिए सड़कों की लाइटों को जलाए रखने की सलाह दी है.

सवाल- क्या हॉस्पिटल, इमरजेंसी और महत्वपूर्ण संस्थानों की लाइटों को भी बंद कर दिया जाएगा?

जवाब- नहीं, हॉस्पिटल, पब्लिक यूटिलिटीज, म्यूनिसिपल सर्विसेज, पुलिस स्टेशन, मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटीज समेत अन्य जरूरी सेवाओं की लाइटों को बंद नहीं किया जाएगा. पीएम मोदी ने सिर्फ घर की लाइटों को बंद करने की अपील की है.

सवाल- सिर्फ घर की लाइटों को बंद करने से बिजली का करीब 20 फीसदी लोड कम हो जाएगा. क्या अचानक बिजली का 20 फीसदी लोड कम होने से ग्रिड असंतुलित नहीं हो जाएगा? इसके लिए ऊर्जा मंत्रालय क्या कदम उठाएगा?

जवाब- घर की लाइटों का लोड 20 फीसदी से भी कम होता है. वोल्टेज में इतने उतार-चढ़ाव को आसान से मैनेज किया सकता है. इसके लिए स्टैंडर्ड टेक्निकल ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल्स लगाए गए हैं.

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सवाल- क्या लाइटों को बंद करने के दौरान लोड शेडिंग होगा? अगर हां, तो इसका क्या असर होगा?

जवाब- नहीं, लोड शेडिंग की कोई योजना नहीं है.




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