- कर्नाटक में लॉकडाउन के बीच मिल सकती है शराब
- गुरुवार को कैबिनेट करेगी बिक्री को लेकर चर्चा
कोरोना वायरस के संकट की वजह से देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू है और बाजार पूरी तरह से बंद हैं. इस बीच अलग-अलग इलाकों से सबसे बड़ी मांग शराब को लेकर आ रही है. कर्नाटक में भी लगातार उठ रही इस मांग पर कैबिनेट में चर्चा की जाएगी. कर्नाटक सरकार में मंत्री नागेश का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से लोगों को काफी कुछ सहना होगा.
मंत्री के मुताबिक, आज कैबिनेट की बैठक में शराब की बिक्री को लेकर चर्चा की जाएगी. लेकिन अगर लोगों को कोरोना वायरस जैसी महामारी को हराना है तो फिर कुछ सहना ही होगा. नागेश ने जानकारी दी कि राज्य में शराब ना बेचने की वजह से 1800 करोड़ रुपये का घाटा प्रति महीना होता है.
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बता दें कि कोरोना संकट के बीच आज होने वाली कैबिनेट की इस बैठक में कर्नाटक सरकार विधायकों की सैलरी पर भी फैसला ले सकती है. केंद्र सरकार ने जिस तरह सांसदों और मंत्रियों की सैलरी में कटौती की है, उसके बाद कई राज्य सरकारों ने भी इस तरह का फैसला लिया है.
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कर्नाटक सरकार ने बीते दिनों एक टास्क फोर्स का गठन किया था, जिसको लॉकडाउन की परिस्थितियों को मापने का काम दिया गया था. इस टास्क फोर्स ने जो रिपोर्ट दी है, उसमें अभी स्कूल-कॉलेज-रेस्तरां को 30 अप्रैल तक बंद करने की अपील की है. इसके अलावा चिन्हित कंपनियों को काम करने की इजाजत दी है, लेकिन वो भी जब आधे से अधिक कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करें.
गौरतलब है कि कई राज्य सरकारें केंद्र के सामने लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की अपील कर चुकी हैं.
बंगाल में मिली है होम डिलीवरी की इजाजत
पश्चिम बंगाल की सरकार ने भी बीते दिन शराब की होम डिलीवरी की इजाजत दे दी है. इसके तहत थाना क्षेत्र में पुलिस स्टेशन की ओर से पास जारी किए जाएंगे, जिसके बाद शराब घर पर डिलीवर हो पाएगी. इसके लिए एक निश्चित समय भी तय किया गया है.

