नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के महामारी बनने और हजारों लोगों के मरने की घटना अब कई देशों और संयुक्त राष्ट्र के भी तनाव का कारण बन गया है. हाल ही में अमेरिका और जापान की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पर हमले के बाद अब एक नए देश ने हमला किया है. डब्ल्यूएचओ प्रमुख द्वारा ताइवान की सरकार पर उनके खिलाफ निजी हमले करने का आरोप लगाए जाने पर ताइवान ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख से बृहस्पतिवार को माफी की मांग की.
आखिर क्यों देर से महामारी घोषित किया गया
ताइवान का आरोप है कि WHO ने कोरोना वायरस संक्रमण के चीन में बुरी तरह से फैलने के बावजूद इस महामारी घोषित करने में देरी की है. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘हमारे देश ने जनता को उनके खिलाफ निजी हमले करने या कोई नस्लीय भेदभावपूर्ण टिप्पणियां करने के लिए कभी प्रेरित नहीं किया.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार महानिदेशक टेड्रोस से ऐसे गैर जिम्मेदारानापूर्ण कृत्य को लेकर तत्काल स्पष्टीकरण और माफी की मांग करती है.’
क्या कहा था WHO महानिदेशक ने
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने बुधवार को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एकजुटता का आह्वान किया था. संवाददाता सम्मेलन के बाद टेड्रोस ने इस जन स्वास्थ्य संकट के शुरू होने से लेकर अब तक उन पर की जा रही नस्लवादी टिप्पणियों समेत प्रतिकूल टिप्पणियों किए जाने की बात की. टेड्रोस ने ट्रम्प का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने ताइवान में सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने जिनेवा में पत्रकारों से कहा, ‘तीन महीने पहले ताइवान से यह हमला किया गया था. वे मेरी आलोचना और अपमान करने लगे लेकिन मुझे परवाह नहीं है.’
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उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस संक्रमण के देशों में तेजी से फैलने के बावजूद WHO ने इसे महामारी घोषित करने में काफी देरी की है. अमेरिका और कई अन्य देशों ने WHO महानिदेशक और चीनी सरकार के बीच मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं.

