सुकमा में पहुंचे मजदूरों की स्क्रीनिंग की गई.
21 दिनों से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभिन्न जगहों पर रह रहे करीब 70 मजदूर 60 किमी पैदल चलकर छत्तीसगढ़ के सुकमा पहुंचे और अपनी आपबीती बताई.
मजदूरों ने बताया कि हम भी वहां काम कर रहे थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद वहां बुरा हाल हो रहा था. काम नहीं था और न ही कोई व्यवस्था. इसलिए हम लोग पैदल चलकर यहां पहुंचे हैं.
सरकार की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं
मजदूरों ने बताया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगना वहां सुविधाओ में कमी थी. यहां तक कि हम लोग एक वक्त का खाना अपने पैसों से खाते थे और दूसरे वक्त भूखे सोना पड़ता था. पैसों की कमी और आवागमन के साधन नहीं थे. इसलिए हमें पैदल ही सफर तय करना पडा. मजदूरों ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने काफी कुछ किया है. हमारा स्वास्थ्य जांच किया उपरांत हमे यहां पोटाकेबिन में रखा जा रहा है. 28 दिनों के आइसोलेशन मे रखा गया है. हम लोग भी सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे. सुकमा जिले के कोंटा ब्लाक मुख्यालय में सबसे ज्यादा मजदूरों को आइसोलेशन में रखा गया है, जहां करीब 223 मजदूरों को रखा गया है. क्योंकि आंध्र प्रदेश और तेलंगना की सीमा होने के कारण यहां मजदूर ज्यादा संख्या में आ रहे है.ये भी पढ़ें:
Lockdown 2.0: लकड़ियां लादे महिलाओं ने कहा- राशन तो मिल रहा है, लेकिन उसे पकाएं कैसे?
छत्तीसगढ़: पैसे लेकर मजदूरों को गांव पहुंचा रहे नक्सली, गांवों के कोरोना हॉट स्पॉट बनने की आशंका
News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए सुकमा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.
First published: April 16, 2020, 6:36 AM IST


