- अमेरिकी अधिकारियों की मौजूदगी में कुछ छिपा नहीं
- डब्ल्यूएचओ पर निशाना साधते रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम ग़ैबरेयेसस ने सोमवार को जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी ने कोरोना वायरस महामारी के बारे में कोई भी जानकारी अमेरिका से नहीं छिपाई थी.
टेड्रोस एडनॉम ग़ैबरेयेसस ने कहा कि जिनेवा में डब्ल्यूएचओ मुख्यालय में काम कर रहे अमेरिकी सरकार के दूसरे लोगों की मौजूदगी का मतलब है अमेरिका से कुछ भी छिपा नहीं है. डब्ल्यूएचओ में कोई रहस्य नहीं है.
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन को निशाने पर लेते रहते हैं. उन्होंने इस मामले में चीन की तरफदारी करने का आरोप विश्व स्वास्थ्य संगठन पर लगाया था. साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ को अमेरिका से मिलने वाले फंड पर रोक लगा दी है.
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चीन ने नहीं दी इजाजत
इस बीच, चीन ने कोरोना वायरस पैदा होने के कारणों की जांच-पड़ताल करने के लिए वुहान में अमेरिकी एंट्री की मांग को खारिज कर दिया है. चीन ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वुहान में एक अमेरिकी टीम को कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच करने की अनुमति देने की मांग को खारिज कर दिया. चीन ने यह कहते हुए अमेरिकी मांग को खारिज कर दिया कि वह COVID-19 का ‘पीड़ित’ है न कि इसके लिए अपराधी है.
कोरोना वायरस को प्लेग बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि वह चीन से खुश नहीं हैं, जहां पिछले साल दिसंबर में मध्य चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में कोरोना वायरस की महामारी उभरी थी.
पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, ‘हमने उनसे (चीनी) बहुत समय पहले बात की थी कि हम वुहान के अंदर जाना चाहते हैं. हम देखना चाहते हैं कि क्या हो रहा है, और मैं आपको बता सकता हूं कि हमें बिल्कुल इसके लिए आमंत्रित नहीं किया गया.’ अमेरिका ने इस बात की जांच शुरू की है कि क्या वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से घातक वायरस “निकल” कर आया था.


