Donald Trump plans for Oil prices drop| तेल की कीमतों में आई भारी कमी, कोरोना काल के बावजूद डोनाल्‍ड ट्रंप ने बना डाली बड़ी शॉपिंग की योजना

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह तेल कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट का इस्तेमाल अमेरिका के राष्ट्रीय सामरिक भंडार को फिर से भरने के लिए करेंगे. ट्रंप ने कोरोना वायरस महामारी के संबंध में अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘हम अपने राष्ट्रीय पेट्रोलियम भंडार भर रहे हैं… आप जानते हैं, सामरिक भंडार.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम भंडार में 7.5 करोड़ बैरल भरना चाहते हैं.’’

उन्होंने बाद में यह स्पष्ट किया कि वह यह खरीदारी तभी करेंगे, जबकि अमेरिकी संसद इसके लिए धन को मंजूरी देगी. इसके अलावा अमेरिकी सरकार इस भंडार को किसी तीसरे पक्ष को किराए पर भी दे सकती है. जब कीमतें बढ़ेंगी, तो ये विक्रेता अतिरिक्त तेल बेच सकते हैं. अमेरिका में सोमवार को तेल कीमतें अप्रत्याशित रूप से पहली बार नकारात्मक हो गई थीं, हालांकि बाद में इसमें थोड़ा सुधार हुआ.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संकट के मद्देनजर मांग घटने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत सोमवार को शून्य डॉलर/बैरल से भी नीचे चली गई क्योंकि कोई व्यापारी फिलहाल कच्चा तेल खरीदकर उसे अपने पास रखने की स्थिति में नहीं है.

दोपहर बाद के कारोबार में वॉल स्ट्रीट में शेयर भी लुढ़क गये. एस-एंड-पी 500 में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई. लेकिन सबसे ज्यादा ड्रामा कच्चा तेल के बाजार में हुआ. जहां मई डिलीवरी अमेरिकी कच्चा तेल की कीमत शून्य से नीचे 3.70 डॉलर/बैरल पहुंच गई.

दरअसल, मई डिलीवरी के सौदे के लिये मंगलवार अंतिम दिन है और व्यापारियों को भुगतान करके डिलीवरी लेनी थी. लेकिन मांग नहीं होने और कच्चा तेल को रखने की समस्या के कारण कोई डिलीवरी लेना नहीं चाह रहा है. यहां तक कि जिनके पास कच्चा तेल है, वे पेशकश कर रहे हैं कि ग्राहक उनसे कच्चा तेल खरीदे. साथ ही वे उसे प्रति बैरल 3.70 डॉलर की राशि भी देंगे. (इसी को कच्चे तेल की कीमत शून्य डॉलर/बैरल) से नीचे जाना कहते हैं.)

वहीं मई डिलीवरी के लिए यूएस बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमिडिएट की कीमत सोमवार को पहली बार शून्य से नीचे गिरी. मंगलवार को मई डिलीवरी के लिए कारोबार की अंतिम तिथि है. ऐसे में सोमवार को बाजार में कच्चा तेल की कीमत शून्य से नीचे 37.63 डॉलर/बैरल पहुंच गई.

मई डिलीवरी कच्चा तेल के दाम में गिरावट के लिए तकनीकी कारण बताया जा रहा है, जैसे– मई डिलीवरी की तारीख नजदीक है इसलिए उसमें लेन-देन कम हो रही है.

कोरोना वायरस संकट के कारण कच्चे तेल की मांग में कमी आई है और तेल की सभी भंडारण सुविधाएं भी अपनी पूर्ण क्षमता पर पहुंच चुकी हैं.

एस-एंड-पी ग्लोबल प्लैट्स के मुख्य विश्लेषक क्रिस एम. के अनुसार, तीन सप्ताह के भीतर कच्चे तेल के सभी टैंक भर जाएंगे. अमेरिकी कच्चा तेल की जून डिलीवरी में भी 14.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, फिलहाल इसकी कीमत 21.32 डॉलर प्रति बैरल है.

ब्रेंट कच्चा तेल की कीमत 1.78 डॉलर घट कर 26.30 डॉलर/बैरल पहुंच गई है.

(इनपुट: एजेंसीज)

 




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