- कोरोना से हो रही मौतों पर HC का आदेश
- WHO-केंद्र के निर्देशों का हो पालन: HC
कोरोना वायरस महामारी का असर देश में लगातार फैलता जा रहा है. इस सबके बीच केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल की सरकार में कुछ मुद्दों को लेकर ठन गई है. कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस बीच राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि किसी भी शव को दफनाने या जलाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार के द्वारा जारी निर्देशों का ही पालन किया जाए.
एक याचिका पर सुनवाई करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जस्टिस टी. चक्रवर्ती ने निर्देश दिया कि राज्य सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस भी व्यक्ति की मौत हो रही है, उसका डेथ सर्टिफिकेट तैयार किया जाए.
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अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘वायरस को फैलने से रोकने के लिए और इसके खतरे को कम करने के लिए जरूरी है कि दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए. 8 जून 2020 को जब इस मसले पर अगली सुनवाई होगी, तो इसे काबू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं उसकी जानकारी अदालत को देनी होगी’.
दरअसल, वरिष्ठ वकील समरजीत रॉय चौधरी ने अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने हावड़ा के कुछ केस का जिक्र किया था. याचिका में दावा किया गया था कि 3 अप्रैल को हावड़ा में प्रशासन ने एक शव को दफनाने दिया, व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित था और कोई डेथ सर्टिफिकेट भी नहीं था. इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन बताया गया है.
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोई भी शामिल नहीं हुआ. गौरतलब है कि बंगाल में कोरोना वायरस की वजह से हो रही मौतों को लेकर काफी विवाद हो रहा था, यहां इनके दफनाने के दौरान नियमों का पालन ना होने की शिकायत लगातार आ रही थी.
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बंगाल में अबतक कोरोना वायरस के 392 केस सामने आ चुके हैं, जबकि 12 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है. राज्य में 73 लोग इस महामारी को मात देकर ठीक भी हुए हैं.

