नई दिल्ली: कोरोना वायरस के संकट ने सब कुछ बदल दिया है, जिंदगी के मायने भी और जिंदगी के बाद का संस्कार भी. दुनिया के कई देशों में इससे, इतनी ज्यादा मौतें हो रही हैं कि शवों को दफनाने के लिए कब्रिस्तान छोटे पड़ने लगे हैं. और सामूहिक कब्रें खोदकर, जैसे-तैसे शवों को दफनाने की रस्म अदायगी की जा रही है. ब्राजील से भी एक ऐसी ही सामूहिक कब्र की तस्वीरें सामने आईं हैं, जो Manaus (मानौस) शहर के सबसे बड़े कब्रिस्तान में बनाई गई है. जिसमें एक साथ सैकड़ों शवों को दफनाया जा रहा है जिनकी मौत कोरोना संक्रमण से हुई है.
करीब बीस लाख की आबादी वाला मानौस, ब्राजील के सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित शहरों में शामिल है, जहां कोरोना संक्रमण की शुरुआत से पहले हर दिन औसतन 30 लोगों की मौत हो रही थी, लेकिन अब वहां रोज, 100 से भी ज्यादा मौतें हो रही हैं. जिसकी वजह से मानौस के सबसे बड़े कब्रिस्तान में ना तो इतना स्टाफ बचा है कि हर शव का अलग से अंतिम संस्कार करवाया जा सके और ना ही इतनी जगह बची है कि हर शव को अलग-अलग दफनाया जा सके.
वहां के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना वायरस से मरने वाले व्यक्ति के शव से संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए शवों को सामूहिक तरीके से दफनाना ही एक आखिरी विकल्प बचा था. हालांकि सामूहिक कब्र में पूरी इज्जत के साथ शवों को इस तरह दफनाया जा रहा है कि बाद में लोग इन कब्रों पर आकर प्रार्थना कर सकें. इसके लिए कब्रों के बीच एक निश्चित दूरी रखी गई है ताकि ये पता रहे कि किस कब्र में किसके शव को दफनाया गया है.
इससे पता चलता है कि ब्राजील में कोरोना महामारी कितनी तेजी से फैल रही है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस लैटिन अमेरिकी देश में कोरोना वायरस अब तक करीब तीन हजार लोगों की जान ले चुका है. लेकिन कहा जा रहा है कि मौतों का असली आंकड़ा बहुत ज्यादा हो सकता है.
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इससे पहले सामूहिक कब्र की ऐसी ही तस्वीरें ईरान और अमेरिका के न्यूयॉर्क से भी आ चुकी है जहां कोरोना संक्रमण से मौतों का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि कब्रिस्तानों में ताबूतों के ढेर लगे हुए हैं और शवों को दफनाने के लिए कई-कई घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है.
सोचिये, क्या आपने कभी कल्पना की थी कि अपनों के अंतिम संस्कार में जाने के लिए आपको सौ बार सोचना पड़ेगा. दुख बांटने के लिए आप किसी के गले भी नहीं मिल पाएंगे. मरने वाले की याद में एक शोक सभा तक नहीं रख पाएंगे. कोरोना महामारी ने दुनिया को वो दिन भी दिखा दिया, जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी.


