छिंदवाड़ा वाले किसान ने कमल पटेल को क्यों कहा फर्जी मंत्री!

कृषि मंत्री पटेल ने लोगों को दी सलाह कर्जमाफी में धोखाधड़ी की कराएं FIR

भोपाल। मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ने कमल पटेल ने लॉक डाउन के बीच कांग्रेस की कमलनाथ सरकार द्वारा किसानों से कर्जमाफी के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया है कि वे पुलिस थाने में इसकी एफआईआर कराएं।
कृषि मंत्री कमल पटेल ने तत्कालीन प्रमुख सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास डॉ राजेश राजोरा के द्वारा जारी आदेश दिखाया है। इस आदेश में 31 मार्च 2018 की स्थिति में 2 लाख रुपये तक के कर्जदार किसानों का लोन माफ कर दिए जाने का हवाला दिया गया है। 17 दिसंबर 2018 को कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ उसी दिन यह आदेश निकाला गया था, लेकिन 2 लाख की राशि वाले किसानों का कर्ज अभी तक माफ नहीं हो पाया है।
सत्ता परिवर्तन के बाद अब कृषि मंत्री बने कमल पटेल द्वारा किसानों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ FIR कराने की सलाह पर ट्विटर पर जोरदार प्रतिक्रिया आ रही हैं।


छिंदवाड़ा के सुबोध गोराई ने उन्हें फर्जी मंत्री करार दिया है। सुबोध ने कहा – ये फर्जी मंत्री है। लोगो को कार्यवाही करने के लिए कह रहा है ।इनकी सरकार है खुद करे।घोषणावीर दल के सदस्य हवाबाजी कर लोगो को गुमराह कर रहे है । किसानों और जनता को राहत के नाम पर धोखा दे रहे है। वो भी ऐसे वक्त पर जब किसान और जनता त्रस्त है।

इसे लेकर बहस भी शुरु हो गई है। कोई कमल पटेल के समर्थन में है तो कोई सरकार द्वारा खुद कार्रवाई करने के बजाए कोरोना लॉक डाउन के बीच किसानों को एफआईआर कराने सम्बंधी सलाह के विरोध में है।

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