China eying on Nepal,seeks his support for countering the world opinion including US| कोरोना: अलग-थलग पड़ा चीन जुटा रहा समर्थन, नेपाल को करीब लाने की कोशिश

बीजिंग: कोरोना महामारी को लेकर चौतरफा हमले झेल रहे चीन ने अब अपने पक्ष में समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है. बीजिंग ने ऐसे देशों को अपने खेमे में लाने की रणनीति तैयार की है, जो कहीं न कहीं उसके प्रति झुकाव रखते हैं. इस अभियान की शुरुआत उसने नेपाल से की है. नेपाल में चीन के राजदूत होउ यानकी (Hou Yanqi) ने बीते गुरुवार नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा के साथ-साथ विभिन्न नेताओं से मुलाकात की और COVID -19 पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के खिलाफ समर्थन मांगा. दरअसल, अमेरिका सहित कई देश महामारी के लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साफ़ कर चुके हैं कि वुहान से निकली बीमारी के लिए चीन को कीमत चुकानी होगी. एक के बाद एक कई देशों के अमेरिका के पक्ष में आने से चीन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अकेला पड़ता जा रहा है.  

अमेरिका का आरोप है कि कोरोना वुहान की लैब में उत्पन्न हुआ और वहीं से बाहर निकला, जिसका खामियाजा पूरी दुनिया को उठाना पड़ रहा है. हालांकि, चीन सभी आरोपों को गलत ठहराता रहा है. अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के अभियान के तहत नेपाल में चीन के राजदूत ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से बालूवातर (Baluwatar) स्थित उनके आवास पर मुलाकात की. काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, होउ यानकी ने प्रमुख रूप से तीन मुद्दों पर की- सत्तारूढ़ दल में चल रहे आंतरिक संकट, COVID -19 से लड़ने के लिए नेपाल को चीनी सहायता और COVID -19 के अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिकरण के खिलाफ नेपाल का समर्थन’.

चीन मानता है कि अमेरिका सहित अन्य देश कोरोना के नाम पर उसे अलग-थलग करने की साजिश रच रहे हैं. इसलिए उसने दुनिया भर में अपने राजदूतों को सक्रिय कर दिया है जो खासतौर पर पश्चिमी देशों के जुबानी हमलों का जवाब दे रहे हैं. हाल ही में फ्रांस स्थित चीनी दूतावास ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एनिमेटेड वीडियो पोस्ट किया था. जिसमें कार्टून कैरेक्टर के माध्यम से कोरोना पर चीन की प्रतिक्रिया और अमेरिका की लापरवाही को दर्शाया था. इस वीडियो से चीन ने यह बताने की कोशिश की है कि अमेरिका शुरुआत से ही कोरोना वायरस को लेकर लापरवाह रहा. उसने बीजिंग की चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया और अब जब स्थिति उसके नियंत्रण से बाहर हो गई है, तो चीन को दोषी ठहरा रहा है.,  

 




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