- कोरोना से बंगाल में मृत्य दर पर विवाद
- केंद्र और राज्य सरकार के आंकड़े अलग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कोरोना वायरस ऐसी बीमारी है जो धर्म, जाति कुछ नहीं देखती है. लेकिन राजनीति की बात की जाये तो वो कोरोना पर जमकर हो रही है और इसके केंद्र में है पश्चिम बंगाल. भारतीय जनता पार्टी और बंगाल की सत्तारूढ़ कांग्रेस के बीच जमकर वार-पलटवार चल रहे हैं. कोरोना संक्रमितों की मौत की दर को लेकर दोनों पार्टियां आमने-सामने हैं.
कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार की टीम ने हाल ही में पश्चिम बंगाल का दौरा किया है. टीम ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है कि राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने अलग-अलग समय पर मरने वालों और कोरोना मरीजों का जो ब्योरा दिया है, उनमें बहुत फर्क है. इस आरोप के बाद ममता सरकार ने आंकड़ा भी जारी कर दिया है और टीएमसी की तरफ से कहा जा रहा है कि केंद्र के आंकड़े गलत हैं.
तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओब्रायन ने कहा है कि हमें बीजेपी सरकार के आंकड़ों पर यकीन नहीं है, वो आंकड़ों के साथ छेड़छाड़ करती है. डेरेक ने ये भी कहा कि मृत्यु दर पूरी तरह से आधारहीन और बेतुका मैट्रिक है. उन्होंने कहा कि अगर टेस्टिंग गलत तरीके से होती है तो स्वस्थ लोग भी कोरोना पॉजिटिव आ जाते हैं और इस तरह मौत की दर में खुद-ब खुद कमी आ जाती है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें…
वहीं, टीएमसी के और सांसद संदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल को निशाने पर लेने के पीछे राजनीतिक एजेंडा है. बता दें कि केंद्रीय टीम ने कहा है कि पूरे देश में बंगाल ऐसा राज्य है जहां मृत्य दर सबसे ज्यादा है. टीम ने बंगाल में कोरोना से मृत्युदर 12.8 फीसदी बताई है. इसके पीछे टीम ने ये कहा कि बेहद कम टेस्टिंग होना और कोरोना मरीजों की निगरानी और ट्रैकिंग की कमजोर व्यवस्था के कारण मौत की दर इतनी ज्यादा है.
इन दावों के बाद बंगाल सरकार ने कोरोना मरीजों का आंकड़ा जारी किया है. सरकार के आंकड़े के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में एक करोड़ आबादी पर सिर्फ 126 कोरोना केस हैं. जबकि दिल्ली में यह आंकड़ा 2449, महाराष्ट्र में 1212, गुजरात में 893, तमिलनाडु में 444, राजस्थान में 383, मध्य प्रदेश में 359 है. यानी बंगाल सरकार का ये कहना है कि एक करोड़ की आबादी पर कोरोना मरीजों की तुलना की जाये तो बंगाल की स्थिति कई राज्यों से बहुत अच्छी है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
इससे पहले मंगलवार को बंगाल के गृह सचिव ने बताया था कि राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 68 पहुंच गई है और कुल संक्रमितों की संख्या 1344 है. वहीं, बुधवार सुबह 8 बजे तक के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों को देखें तो बंगाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1344 बताई गई है और मौत का आंकड़ा 140 है.
यही वजह है कि मृत्य दर को लेकर टीएमसी के नेता केंद्रीय टीम पर सवाल उठा रहे हैं और बीजेपी सरकार के आंकड़ों को गलत बता रहे हैं, साथ ही राजनीति का भी आरोप लगा रहे हैं. बता दें कि मंगलवार को बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ममता सरकार से इस्तीफा देने की भी मांग की थी, जबकि इससे पहले भी लंबे समय से बीजेपी के सांसद और नेता लॉकडाउन के बावजूद ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुये हैं, प्रदर्शन भी कर रहे हैं.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें

